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Vishwa Bharati Controversy: विश्वविद्यालय में बवाल, वीसी को हटाने के लिए शिक्षकों ने पीएम मोदी से लगाई गुहार

Fri, 03 Sep 2021 03:37 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Fri, 03 Sep 2021 03:37 PM IST
सार

जनवरी में कैंपस के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए 23 अगस्त को तीन छात्रों को तीन साल के लिए बर्खास्त कर दिया था। तब से, विश्वविद्यालय के कुलपति विद्युत चक्रवर्ती को छात्रों के एक वर्ग द्वारा उनके परिसर में निवास तक सीमित कर दिया गया है। 

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Visva bharati faculty writes letter to PM asked to take action against vice chancellor
Visva Bharati University campus - फोटो : Social Media

विस्तार

पश्चिम बंगाल में विश्व भारती विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों के एक समूह ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर कुलपति के खिलाफ सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा जांच की मांग की है।दरअसल विश्वविद्यालय ने इस साल जनवरी में कैंपस के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए 23 अगस्त को तीन छात्रों को तीन साल के लिए बर्खास्त कर दिया था। तब से, विश्वविद्यालय के कुलपति विद्युत चक्रवर्ती को छात्रों के एक वर्ग द्वारा उनके परिसर में निवास तक सीमित कर दिया गया है। 

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फैकल्टी एसोसिएशन ने की जांच की मांग

विश्व भारती यूनिवर्सिटी फैकल्टी एसोसिएशन (जो कि अधिकांश संकाय विभागों का प्रतिनिधित्व करते हैं) द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है, "हम उच्च न्यायालय के एक सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति द्वारा कुलपति विद्युत चक्रवर्ती के खिलाफ शिकायतों की जांच की मांग करते हैं। बता दें कि वीबी राज्य का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है और 1921 में बीरभूम जिले के शांतिनिकेतन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित किया गया था। प्रधान मंत्री इसके चांसलर हैं।

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पूरे घटनाक्रम पर कुलपति दिया यह बयान

इस पर कुलपति ने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि विश्वविद्यालय के प्रवक्ता मीडिया के सवालों का जवाब देंगे, बाद में उन्होंने कॉल या संदेशों का जवाब नहीं दिया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर अनुशासनात्मक आधार पर छात्रों के निष्कासन के खिलाफ छात्रों के आंदोलन द्वारा बनाए गए गतिरोध को दूर करने में हस्तक्षेप की मांग की थी। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना है।

पीएम को लिखा, पतन से बचाने के लिए उचित कार्रवाई करें

केंद्रीय विश्वविद्यालय ने छात्रों के एक वर्ग द्वारा चल रहे आंदोलन के कारण वीसी की "घेराबंदी" की पुष्टि करते हुए, प्रवेश प्रक्रिया और परिणामों के प्रकाशन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। पत्र में कहा गया है कि हम माननीय कुलाधिपति (प्रधानमंत्री को पढ़ें) से इस प्रतिष्ठित संस्थान को और पतन से बचाने के लिए उचित कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं। यह विश्वविद्यालय को एक अस्तित्वगत संकट की ओर ले जा रहा है।

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