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Hindi News ›   Education ›   UP Students to Study Tamil in Banaras under Education Ministry and IIT Madras Program

Tamil Language: यूपी के हिंदी भाषी विद्यार्थी बनारस में सीखेंगे तमिल, शिक्षा मंत्रालय और आईआईटी मद्रास की पहल

Fri, 28 Nov 2025 11:31 AM IST
शाहीन परवीन अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शाहीन परवीन Updated Fri, 28 Nov 2025 11:31 AM IST
सार

UP Students: उत्तर प्रदेश के हिंदी भाषी छात्रों के लिए बनारस में तमिल भाषा सीखने का अवसर मिलेगा। यह पहल शिक्षा मंत्रालय, IIT मद्रास और BHU के सहयोग से शुरू की गई है, जो भाषाई विवाद से परे शिक्षा को बढ़ावा देती है।

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UP Students to Study Tamil in Banaras under Education Ministry and IIT Madras Program
सांकेतिक तस्वीर( AI photo) - फोटो : freepik

विस्तार

Education Ministry: स्कूलों में हिंदी और तमिल भाषा की राजनीति से इतर उत्तर प्रदेश के बनारस से सुखद खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के हिंदी भाषी स्कूली छात्र तमिल भाषा सीखेंगे। बनारस में दो दिसंबर से तमिलनाडु के 50 शिक्षक और विद्वान स्थानीय स्कूलों के बच्चों को तमिल भाषा में अपनी संस्कृति, खानपान, भारत की दो प्राचीन परंपराओं (काशी-तमिल) से रूबरू करवाएंगे। इसका मकसद, यूपी के छात्रों में सांस्कृतिक जुड़ाव और सभी भाषाओं का सम्मान समेत तमिल में आम बोलचाल सीखाना व जानकारी देना है।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, बनारस में काशी तमिल संगमम (केटीएस) 2025 का चौथा संस्करण तमिल सीखें-तमिल करकलम थीम पर आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत, देशभर में तमिल सीखने और शास्त्रीय भाषाई और साहित्यिक विरासत को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम भारत की दो प्राचीन ज्ञान परंपराओं को दोबारा जोड़ने वाले एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक सेतु के रूप में उभरा है। तमिलनाडु और काशी के बीच सभ्यतागत संबंधों का उत्सव है। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत, केटीएस में दोनों क्षेत्रों के बीच सभ्यतागत, सांस्कृतिक, भाषाई और लोगों के बीच संबंधों का सम्मान और यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को दर्शाता है। इसके अलावा, सीखने के आदान-प्रदान, सांस्कृतिक विसर्जन, अकादमिक बातचीत और अधिक से अधिक युवा भागीदारी के माध्यम से जुड़ाव को और बढ़ाना है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, आईआईटी मद्रास और बीएचयू वाराणसी मिलकर आयोजन कर रहे हैं। जबकि, केंद्रीय संस्कृति, सूचना व प्रसारण मंत्रालय, पर्यटन, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, कौशल विकास मंत्रालय समेत भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम और यूपी सरकार सहयोग कर रही है।

सात श्रेणियों में 1400 से अधिक प्रतिनिधि

तमिलनाडु से सात श्रेणियों में 1400 सदस्यीय प्रतिनिधि दल आ रहा है। इसमें छात्र शिक्षक, लेखक, कृषि व संबद्ध क्षेत्र, पेशेवर व कारीगर, महिलाएं और आध्यात्मिक विद्वान शामिल हैं।

प्रयागराज, अयोध्या के करेंगे दर्शन

आठ दिवसीय अनुभवात्मक दौरे के दौरान तमिलनाडु से आने वाला दल वाराणसी के बाद प्रयागराज और अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन करने भी जाएगा। इसके अलावा वाराणसी के महत्वपूर्ण तमिल धरोहर स्थलों में महाकवि सुब्रमण्यम भरतियार का पैतृक निवास, केदार घाट, लघु तमिलनाडु क्षेत्र में स्थित काशी मदम, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर के लिए भी जाएंगे। वहीं, दक्षिण भारतीय मेहमान स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, विरासत से रूबरू होंगे।
 
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