UP NEET PG 2025: डीजीएमई ने 148 उम्मीदवारों को पीजी काउंसलिंग से किया बाहर, देखें लिस्ट में आपका नाम तो नहीं
UP NEET PG Counselling 2025: उत्तर प्रदेश डीजीएमई ने 148 उम्मीदवारों को नीट पीजी काउंसलिंग 2025-26 से प्रतिबंधित कर दिया है। इनमें 59 ने आवंटन के बाद प्रवेश नहीं लिया और 89 ने दाखिला लेकर सीट छोड़ दी।
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UP NEET PG Counselling 2025: उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGME) ने 148 उम्मीदवारों को नीट पीजी काउंसलिंग से बाहर कर दिया है। इनमें वे छात्र शामिल हैं जिन्होंने पिछले वर्ष स्ट्रे वैकेंसी और स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड में एमडी और एमएस सीटें मिलने के बाद या तो दाखिला नहीं लिया या फिर दाखिला लेकर इस्तीफा दे दिया।
यह कार्रवाई एडमिशन गाइडलाइंस के तहत की गई है, जिनमें यह प्रावधान है कि यदि कोई उम्मीदवार अंतिम राउंड में सीट मिलने के बाद दाखिला नहीं लेता या फिर दाखिला लेने के बाद कोर्स बीच में छोड़ देता है, तो उसे अगले वर्ष की काउंसलिंग से बाहर कर दिया जाएगा। DGME ने अब दो सूचियां जारी की हैं जिनमें उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर, नीट पीजी रैंक और आवंटित संस्थान का विवरण शामिल है।
सीट छोड़ने और इस्तीफे पर दंड
नियमों के अनुसार, स्ट्रे वैकेंसी राउंड में सीट मिलने के बाद दाखिला न लेने वाले छात्रों की सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जाती है और उन्हें अगले वर्ष काउंसलिंग से वंचित कर दिया जाता है। इसी तरह, एमडी या एमएस की सीट लेकर अंतिम राउंड के बाद इस्तीफा देने वाले छात्रों को भी अगले साल आवेदन का अधिकार नहीं मिलता। इस बार कुल 148 उम्मीदवारों में से 59 ने सीट मिलने के बावजूद जॉइन नहीं किया और 89 ने दाखिला लेने के बाद इस्तीफा दिया।
काउंसलिंग शेड्यूल और सिक्योरिटी डिपॉजिट
डीजीएमई जल्द ही यूपी नीट पीजी काउंसलिंग का आधिकारिक शेड्यूल अपनी वेबसाइट upneet.gov.in पर जारी करेगा। पात्र उम्मीदवारों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए 3,000 रुपये का नॉन-रिफंडेबल पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा।
सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि कोर्स और कॉलेज के प्रकार के अनुसार तय की गई है -
- एमडी, एमएस, डिप्लोमा और DNB सीट (सरकारी कॉलेजों में): 30,000 रुपये
- सरकारी और निजी दोनों मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर: 2 लाख रुपये
- सरकारी और निजी डेंटल कॉलेजों की सीटों पर: एक लाख रुपये
इस काउंसलिंग के तहत उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल संस्थानों में एमडी, एमएस, डिप्लोमा, डीएनबी और एमडीएस कोर्स में दाखिले कराए जाएंगे। डीजीएमई का यह कदम सीटों के बेहतर उपयोग और प्रवेश प्रक्रिया में अनुशासन व पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक सख्त पहल माना जा रहा है।
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