{"_id":"5e71c6158ebc3ea7c94eff32","slug":"up-board-result-2020-evaluation-of-the-10th-and-12th-examinations-postponed","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP Board Result 2020: कोरोना के कहर से कॉपियों का मूल्यांकन स्थगित, रिजल्ट में होगी देरी","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
UP Board Result 2020: कोरोना के कहर से कॉपियों का मूल्यांकन स्थगित, रिजल्ट में होगी देरी
Wed, 18 Mar 2020 12:47 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Wed, 18 Mar 2020 12:47 PM IST
विज्ञापन
परीक्षा केंद्र से बाहर जाते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस के बढ़ते कहर की वजह से यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन दो अप्रैल तक स्थगित हो गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने यह जानकारी दी है। आपको बता दें कि यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं का मूल्यांकन 16 मार्च से मूल्यांकन केंद्रों पर हो रहा था लेकिन कोरोना वायरस से बचाव के लिए अब अगले महीने की दो तारीख तक परीक्षाओं के मूल्यांकन को टाल दिया है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश में बिना परीक्षा दिए छात्र होंगे पास, शिक्षा विभाग ने दिया किया आदेश
विज्ञापन
बोर्ड रिजल्ट में हो सकती है देरी
फिलहाल अभी माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से इस बात का कोई निर्णय नहीं लिया गया है कि दसवीं और बारहवीं परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन दो अप्रैल के बाद कब होगा। यानी की अभी कॉपियों के मूल्यांकन की अगली तारीख तय नहीं हुई है। कॉपियों के मूल्यांकन आगे बढ़ने से यह माना जा रहा है कि इस बार बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में भी देरी होगी। पहले दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं का रिजल्ट अप्रैल में आना था पर अब यह संभव नहीं होगा।
विज्ञापन
3 करोड़ कॉपियों का होना है मूल्यांकन
इस साल दसवीं और बारहवीं के लिए 56.7 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से लगभग पौने पांच लाख ने परीक्षा छोड़ दी थी। लगभग तीन करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन किया जाना है। आपको बता दें कि इससे पहले कोरोना के बढ़ते प्रभाव की वजह से शिक्षक संघ भी कॉपियों के मूल्यांकन को स्थगित करने की मांग कर रहे थे। इसी वजह से पहले दिन 41 फीसदी शिक्षक कॉपियां जांचने नहीं पहुंचे थे।
इसे भी पढ़ें- UP Board Result 2020: जानिए 10वीं-12वीं की परीक्षाओं के लिए सीबीएसई की नई गाइडलाइन
यूपी बोर्ड की दसवीं और 12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन सोमवार यानी की 16 मार्च से शुरू हुआ था और इस दिन विभिन्न मूल्यांकन केंद्रों पर 41 फीसदी शिक्षक नदारद थे। सभी अनुपस्थित शिक्षकों को डीआईओएस ने नोटिस जारी किया था और कारण पूछा था जिसमें शिक्षकों ने बीमार होने और बाहर होने का हवाला दिया था।
कमेंट
कमेंट X