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यूपी बोर्ड 2021 : माध्यमिक शिक्षा परिषद ने तैयार किया कक्षा 10वीं-12वीं के रिजल्ट का फॉर्मूला
Thu, 17 Jun 2021 09:01 PM IST
देवेश शर्मा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Thu, 17 Jun 2021 09:01 PM IST
सार
यूपी बोर्ड 2021 : माध्यमिक शिक्षा परिषद ने तैयार किया कक्षा 10वीं -12वीं के रिजल्ट मूल्यांकन का फॉर्मूला
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उत्तर प्रदेश बोर्ड : यूपी बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यूपी बोर्ड 2021 कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट मूल्यांकन का फॉर्मूला तैयार कर लिया है। इससे पहले एक उच्च स्तरीय बैठक में यह भी निर्णय किया गया कि 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परिणाम से असंतुष्ट छात्रों को स्थिति में सुधार होने पर परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें अपने अंक बढ़ाने का उचित मौका मिल सके। वर्तमान में ज्यादातर अंक पिछली कक्षा में प्राप्त अंकों और पहले आयोजित किए गई प्री-बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर दिए जाएंगे।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद,उत्तर प्रदेश की 10वीं बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को कक्षा 9वीं के 50 प्रतिशत और कक्षा 10वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के 10 प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। वहीं 12वीं के परीक्षार्थियों को 10वीं कक्षा के 50 प्रतिशत, 11वीं कक्षा के 40 प्रतिशत और 12वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के 10 प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। बता दें कि इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकें करने और रद्द परीक्षाओं के लिए छात्रों को अंक देने के तौर-तरीकों पर काम करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था।
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समिति की सिफारिश के आधार पर परिणाम के मूल्यांकन का फॉर्मूला तया किया गया है। इस मुद्दे पर बात करते हुए, माध्यमिक शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा, हम छात्रों को एक विकल्प दे रहे हैं कि यदि वे रद्द की गई परीक्षा के अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, तो बोर्ड उन्हें अगले साल उक्त परीक्षा में बैठने की अनुमति देगा। हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं होंगी। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इस साल कोविड -19 के कारण यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है।
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अंकों के निर्धारण के संबंध में छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और आम जनता से लगभग 4,000 सुझाव प्राप्त हुए थे। यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए 56 लाख (56,04,628 सटीक) अंकों के तार्किक निर्धारण के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई थी।
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