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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र बोले: नई शिक्षा नीति को धरातल पर लागू करवाना पहली प्राथमिकता

Sat, 10 Jul 2021 02:47 AM IST
Kuldeep Singh एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 10 Jul 2021 02:47 AM IST
सार

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन लेकर वे नई शिक्षा नीति को लागू करवाने पर काम करेंगे। हालांकि केंद्र और राज्य अपनी जिम्मेदारी के तहत नए भारत निर्माण के लिए मिलकर काम करेंगे। विभिन्न कारणों से बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (ड्रापआउट) युवाओं को कौशल विकास की ट्रेनिंग करवाकर रोजगार से जोड़ा जाएगा।

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Union Education Minister Dharmendra Pradhan says the first priority is to implement the new education policy on the ground
नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : twitter: @dpradhanbjp

विस्तार

मोदी सरकार के नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पहली प्राथमिकता नई शिक्षा नीति को धरातल पर लागू करवाना है। शिक्षा को तो आगे बढ़ाने पर काम होगा।

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साथ ही विभिन्न कारणों से बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (ड्रापआउट) युवाओं को कौशल विकास की ट्रेनिंग करवाकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। केंद्रीय मंत्री का मानना है कि शिक्षा और कौशल विकास एक ही विषय है। इसलिए इन्हें अलग-अलग नहीं माना जाना चाहिए। 
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री बोले, कौशल विकास और शिक्षा एक ही विषय, ड्रॉपआउट छात्रों को शिक्षा व रोजगार से जोड़ने पर करेंगे काम
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन लेकर वे नई शिक्षा नीति को लागू करवाने पर काम करेंगे। शिक्षा राज्यों का विषय होता है। हालांकि केंद्र और राज्य अपनी जिम्मेदारी के तहत नए भारत निर्माण के लिए मिलकर काम करेंगे।
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उन्होंने कहा, देश को 34 सालों के बाद नई शिक्षा नीति मिली है। नई शिक्षा नीति के चलते शिक्षा में बड़ा बदलाव दिखना शुरू हो गया है। अब विद्यार्थी सिर्फ डिग्री के लिए पढ़ाई नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें व्यापक विषय का ज्ञान भी होगा। वे बहुविषयक विषयों की पढ़ाई कर सकेंग और रोजगार लेने नहीं, बल्कि देने वाले बनेंगे।

30 करोड़ से ज्यादा विद्यार्थी जुड़े हैं शिक्षा विभाग से 
प्रधान ने कहा कि शिक्षा का काम सिर्फ शिक्षा मंत्रालय से नहीं चलता है। कौशल विकास मंत्रालय और महिला व बाल विकास मंत्रालय भी शिक्षा में बराबर का सहयोग देते है। महिला व बाल विकास मंत्रालय के तहत आने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों में प्री-स्कूल और कौशल विकास मंत्रालय में कौशल या स्किल पर काम होता है। स्कूली शिक्षा में करीब 26 करोड़ 45 लाख और उच्च शिक्षा में 3 करोड़ 85 लाख विद्यार्थी जुड़े हुए हैं।

इस प्रकार करीब 30 करोड़ 30 लाख विद्यार्थी सीधे शिक्षा विभाग से जुड़े हुए हैं। प्रधान ने कहा, ड्रापआउट युवाओं को भी शिक्षा से दोबारा जोड़ा जाएगा। ऐसे युवाओं को कौशल विकास या स्किल मंत्रालय के माध्यम से नए जमाने के अनुरूप प्रशिक्षण देकर मुख्य धारा में लाना है। डिजिटल इंडिया पर बात करते हुए प्रधान ने कहा कि देश तेजी से बदल रहा है। आगामी दो सालों में 100 फीसदी इंटरनेट से जुड़ जाएगा। हालांकि कोरोना महामारी के चलते शिक्षा की रफ्तार में ब्रेक लगे हैं, लेकिन उसे आगे बढ़ाने पर काम होगा।

स्मृति ईरानी से लेकर निशंक ने बेहतर काम किया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, 2014 में स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में शिक्षा सुधार पर काम शुरू हुआ था। इसमें नई शिक्षा नीति सबसे बड़ी योजना थी। इसके बाद प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल निशंक ने शिक्षा मंत्री के रूप में बेहतरीन काम किया। अब उसी शिक्षा नीति को धरातल पर लागू करवाने मेरी जिम्मेदारी है। हर राज्य के साथ मिलकर उसे लागू करवाया जाएगा।

अबुल कलाम आज़ाद को किया याद 
प्रधान ने कहा, इस मंत्रालय से मौलाना अबुल कलाम आजाद का नाम भी जुड़ा हुआ है। वे इस देश के पहले शिक्षा मंत्री थे। इसलिए हमें शिक्षा को सबको साथ लेकर आगे बढ़ाने पर काम करना होगा।


दूसरे दिन स्कूल और उच्च शिक्षा पर मांगी जानकारी 
प्रधान ने दूसरे दिन स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट ली। इसमें सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद समेत अन्य विभागों के अधिकारियों व कामकाज की समीक्षा की।

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