विदेश से पीएचडी करने वाले भारतीयों को यूजीसी ने दिया तोहफा, सीधे बनेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर
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विदेश के 500 शीर्ष विश्वविद्यालयों के डॉक्टरेट (पीएचडी) डिग्रीधारकों को भारतीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शानदार तोहफा दिया है। ऐसे डिग्रीधारक अब भारतीय विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर सीधी भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे।
यूजीसी के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, नए नियुक्ति मानकों में शीर्ष 500 विदेशी विश्वविद्यालयों का फैसला चार मशहूर विश्वविद्यालयों के रैंकिंग सिस्टम के आधार पर किया जाएगा। इन चार मानकों में क्वाकक्वारेली साइमंड्स, टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग और एकेडमिक रैंकिंग ऑफ वर्ल्ड यूनिवर्सिटीज ऑफ द शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी के रैंकिंग सिस्टम शामिल हैं। इन अधिकारी का कहना है कि इस नई कवायद से भारतीय छात्रों को घरेलू विश्वविद्यालयों में ही वैश्विक प्रतिभाओं से सीखने का मौका मिल पाएगा।
ऐसे हो जाएंगे नियुक्ति के नियम
- किसी भी भारतीय या मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से कम से कम 55 फीसदी अंकों के साथ मास्टर डिग्री अनिवार्य
- यूजीसी या सीएसआईआर की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा (नेट) या स्लेट, सेट आदि उत्तीर्ण करना होगा
- भारतीय विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वालों के लिए सीधी भर्ती का मौका होगा, लेकिन मास्टर डिग्री में 55 फीसदी अंक होने चाहिए
- विदेशी विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वालों के लिए मास्टर डिग्री में न्यूनतम अंक व लिखित परीक्षा से छूट, लेकिन इंटरव्यू में आंका जाएगा प्रदर्शन
इन विषयों में मिलेगा मौका
आर्ट्स, कामर्स, मानविकी, एजुकेशन, कानून, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, भाषा, लाइब्रेरी साइंस, फिजिकल एजुकेशन और पत्रकारिता व जनसंचार।
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