UGC: एंटी रैगिंग नियमों का पालन न करने पर 18 मेडिकल कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी, सात दिन में मांगा जवाब
University Grants Commission: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एंटी-रैगिंग विनियम, 2009 का पालन करने में विफल रहने के लिए 18 मेडिकल कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यूजीसी ने पाया है कि कई कॉलेजों ने छात्रों और उनके अभिभावकों से एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग नहीं ली है, जैसा कि नियमों के अनुसार आवश्यक है।
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Anti Ragging: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एंटी रैगिंग नियमों का पालन नहीं करने पर दिल्ली और यूपी समेत देश के 18 मेडिकल कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूजीसी ने सभी मेडिकल कॉलेजों से सात दिन के भीतर जवाब मांगा है।
यूजीसी ने कहा आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, मेडिकल, इंजीनियरिंग, विश्वविद्यालय समेत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को एंटी रैगिंग नियम 2009 को लागू करना अनिवार्य है। लेकिन 18 मेडिकल कॉलेजों में एंटी रैगिंग नियमों का पालन नहीं हो रहा है। जिन मेडिकल कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें तय समय सीमा में जवाब देना होगा। ऐसा नहीं करने पर एंटी रैगिंग नियमों के तहत संबंधित मेडिकल कॉलेज या उच्च शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई होगी।
इन मेडिकल कॉलेजों को देना है जवाब
यूजीसी ने दिल्ली के हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च, वर्द्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एंड सफदरजंग हॉस्पिटल, यूपी के डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
यूजीसी ने मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल, पश्चिम बंगाल के इंस्टीट्यूट ऑफ पीजी मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, तेलंगाना के उस्मानिया मेडिकल कॉलेज, तमिलनाडु के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज और सविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज चेन्नई, बिहार के मधुबनी मेडिकल कॉलेज, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बेतिया, कटिहार मेडिकल कॉलेज के अलावा तेलंगाना और असम के मेडिकल कॉलेज से भी जवाब तलब किया है।
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