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UGC: अब नहीं रहेगी डिग्री के बाद नौकरी पाने की दिक्कत! जनवरी से यूजीसी कर रहा इस प्रोग्राम की शुरूआत

Thu, 10 Oct 2024 04:52 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Thu, 10 Oct 2024 04:52 PM IST
सार

UGC: जनवरी, 2025 सत्र से स्नातक प्रोग्राम के छात्रों के लिए अप्रैंटिसशिप एबेंडेड डिग्री (एईडी) प्रोग्राम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत बीकॉम, बीएससी प्रोग्राम के छात्रों को दूसरे सेमेस्टर से इंडस्ट्री में ट्रेनिंग मिलेगी।
 

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UGC's apprenticeship embedded degree programme to bridge skill gap, Know details here
UGC - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

UGC: स्नातक छात्रों को अब डिग्री के बाद रोजगार पाने की दिक्कत नहीं होगी। छात्रों की शिक्षा और रोजगार क्षमता के अंतराल को अब प्रशिक्षु कार्यक्रम दूर करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जनवरी, 2025 सत्र से स्नातक प्रोग्राम के छात्रों के लिए अप्रैंटिसशिप एबेंडेड डिग्री (एईडी) प्रोग्राम को मंजूरी दे दी है।

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इसमें बीए, बीकॉम, बीएससी प्रोग्राम के छात्रों को दूसरे सेमेस्टर से इंडस्ट्री में ट्रेनिंग मिलेगी। इसके अलावा छात्र अपने मनपसंद क्षेत्रों को भी ट्रेनिंग में शामिल कर सकते हैं।
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यूजीसी अध्यक्ष प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने बताया कि तीन अक्तूबर को आयोग बैठक में एईडी प्रोग्राम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका मसौदा राज्यों और विश्वविद्यालयों को जल्द भेजा जाएगा। एईडी का मकसद स्नातक पाठयक्रमों की पढ़ाई करने वाले छात्रों की रोजगार क्षमता की दूरियों को कम करना है। 
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दरअसल, किताबी पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को रोजगार क्षमता के गैप को खत्म करके उन्हें मार्केट डिमांड के नए जमाने के कौशल की तैयारी करवानी है। इससे जब वे अपनी स्नातक डिग्री की पढ़ाई पूरी करेंगे तो उससे पहले रोजगार उनके सामने होगा। जनवरी 2025 से इस प्रशिक्षु प्रोग्राम को शुरू किया जा रहा है। इसमें छात्रों की रोजगार क्षमता में सुधार, व्यावहारिक प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना आदि पर फोकस रहेगा।

दूसरे सेमेस्टर से प्रशिक्षु प्रोग्राम

प्रथम सेमेस्टर में कॉलेज में पढ़ाई करनी होगी। इसके बाद दूसरे सेमेस्टर में इंडस्ट्री में जाकर प्रशिक्षु प्रोग्राम शुरू होगा। छात्र अपने मनपसंद विषय को चुनकर अपनी ट्रेनिंग कर सकता है। उदाहरण के तौर पर छात्र इंडस्ट्री के अलावा राजनेता, वकील, कमिश्नर ऑफिस में भी प्रशिक्षु प्रोग्राम से जुड़ सकता है। तीन वर्षीय प्रोग्राम के छात्रों को कम से कम एक सेमेस्टर और चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के छात्रों को कम से कम दो सेमेस्टर इंडस्ट्री में बीताने होंगे।

इसके अलावा आखिरी सेमेस्टर प्रशिक्षु प्रोग्राम का होगा। दूसरे सेमेस्टर से आगे की अवधि की अधिकतम 50 फीसदी तक प्रशिक्षु प्रोग्राम होगा। राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के अनुसार 30 घंटे के प्रशिक्षण पर 1 क्रेडिट और एक वर्षीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण पर न्यूनतम 40 क्रेडिट मिलेंगे।

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