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UGC: यूजी कोर्स में पर्यावरण शिक्षा अनिवार्य, यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को लिखा पत्र; एनईपी के तहत उठाया कदम

Sun, 16 Feb 2025 08:33 AM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 16 Feb 2025 08:33 AM IST
सार

UGC: इंजीनियरिंग, मेडिकल, आर्किटेक्चर, फार्मेसी, मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों के सभी छात्रों को पर्यावरण विषय की पढ़ाई करनी जरूरी है। यूजीसी ने सभी राज्यों के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखकर इसके बारे में सूचित कर दिया है।

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UGC: Environmental education is compulsory in UG courses, UGC wrote a letter to universities; Step taken under
UGC - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

UGC: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी राज्यों के शिक्षा सचिव और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखकर पर्यावरण विषय को शामिल करने के बारे में सूचित कर दिया है। पत्र में लिखा है कि सर्वोच्च अदालत के निर्देश के तहत स्नातक पाठ्यक्रमों में पर्यावरण विषय शामिल किया गया है। इसलिए सभी उच्च शिक्षण संस्थान यूजी में पर्यावरण विषय को शामिल करना अनिवार्य है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत पर्यावरण शिक्षा पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें पढ़ाई समेत फील्ड में जाकर केस स्ट्डी भी करनी होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से इस संबंध में पत्र लिखा गया है।
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इसमें लिखा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में भी पर्यावरण शिक्षा को सबसे जरूरी माना गया है। सर्वोच्च अदालत ने भी पर्यावरण पढ़ाई को अनिवार्य माना है। इसी के तहत यूजीसी ने पर्यावरण शिक्षा को लेकर विशेषज्ञों से पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसका मकसद छात्रों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूक करना है। इसे सामुदायिक जुड़ाव और मूल्य-आधारित शिक्षा के आधार पर तैयार किया गया है।
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एक सेमेस्टर में एक क्रेडिट जरूरी

स्नातक प्रोग्राम के पाठ्यक्रम में नौ विषयों को शामिल किया गया हैं। कुल 30 घंटों की क्लासरूम स्ट्डी में एक विषय चार घंटे तो अन्य छह-छह घंटों के हैं। इसके कुल चार क्रेडिट होंगे। पर्यावरण शिक्षा के पाठ्यक्रम में जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, जैविक विविधता का संरक्षण, जैविक संसाधनों और जैव विविधता का प्रबंधन, वन और वन्य जीवन संरक्षण और सतत विकास जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। एक सेमेस्टर एक क्रेडिट हासिल करना जरूरी होगा। एक क्रेडिट के साथ 30 घंटे की क्लासरूम स्ट्डी और फील्ड वर्क करना पड़ेगा।
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