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ऐतिहासिक धरोहरों और महलों से रूबरू हुए जीएलए के बीएड प्रशिक्षु
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Wed, 06 Dec 2017 04:23 PM IST
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जीएलए विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय बीएड प्रशिक्षुओं ने ग्वालियर का शैक्षिक भ्रमण कर ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन किया। अपने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने ग्वालियर के संग्रहालय में राजा मानसिंह तोमर द्वारा बनवाया गुर्जरी महल और तानसैन का मकबरा तथा सिन्धिया आवासीय विद्यालय का शैक्षिक भ्रमण किया।
ग्वालियर भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण से बाहर की शैक्षिक परिस्थितियों का अनुभव एवं बोध कराया गया। भ्रमण के दौरान बीएड के छात्रों ने ग्वालियर के सिन्धिया महल में ऐतिहासिक धरोहरों तथा प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई के योगदान को नजदीकी से अवलोकन किया। छात्रों ने देखा कि किस तरह राजा मानसिंह तोमर द्वारा बनवाया किला तथा तानसैन का मकबरा भारतीय और मुगल स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण पेश करता है। इसके साथ ही चम्बल के बीहड़ तथा नदी किस तरह खूबसूरत भौगोलिक सुन्दरता का प्रदर्शन करते है।
इस भ्रमण से लौटे प्रशिक्षुओं ने प्राचार्या प्रो. कविता वर्मा से अपने अनुभव साझा किये। इस मौके पर प्राचार्या ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक एवं शैक्षिक ज्ञान प्रदान करने के लिए शैक्षिक भ्रमण कराता है, जिससे प्रशिक्षु अपने प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करें और संस्कृति के बारे में जानें। प्राचार्य प्रोण् कविता वर्मा ने कहा कि बीएड प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा तभी वह अपने शैक्षणिक कार्य के दौरान बच्चों को ऐसे ज्ञान से अवगत करायेंगे। बीएड प्रशिक्षुओं का भ्रमण डॉ. अमित कौशिक, ज्योति शर्मा, प्रीति वर्मा, हेम कुमार, रेनु कुमारी के निर्देशन में संपन्न हुआ।
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जीएलए विश्वविद्यालय के बीएड प्रशिक्षु विद्यालयों में इन्टर्नशिप पर
जीएलए विश्वविद्यालय के बीएड प्रशिक्षु जनपद के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में इन्टर्नशिप पूरी कर रहे है। राश्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा बीएड के नये मानकों के तहत इस इन्टर्नशिप को विश्वविद्यालय अन्य स्कूलों के सहयोग से पूरा कर रहा है। जिसका उद्देश्य प्रशिक्षुओं को सजीव परिस्थितियों में शिक्षण कौशलों का विकास करना एवं सीखना है।
विभागीय प्राचार्या प्रो. कविता वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि इस इन्टर्नशिप को पूरा करने के बाद बीएड़ प्रशिक्षु शिक्षण कौशलों में अभ्यस्त होकर सरकारी, अर्द्ध सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में अपने शिक्षण कौशल का प्रदर्शन कर रोजगार प्राप्त करेगें। यह इन्टर्नशिप विद्यालयों के प्रधानाचार्यो एवं विभागीय विशय विशेषज्ञ ड़ॉ अमित कौशिक, ज्योती शर्मा, प्रीति वर्मा एवं रेनु कुमारी तथा हेम कुमार, शारदा शर्मा के नेतृत्व में पूर्ण किया जा रहा है।
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ग्वालियर भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण से बाहर की शैक्षिक परिस्थितियों का अनुभव एवं बोध कराया गया। भ्रमण के दौरान बीएड के छात्रों ने ग्वालियर के सिन्धिया महल में ऐतिहासिक धरोहरों तथा प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई के योगदान को नजदीकी से अवलोकन किया। छात्रों ने देखा कि किस तरह राजा मानसिंह तोमर द्वारा बनवाया किला तथा तानसैन का मकबरा भारतीय और मुगल स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण पेश करता है। इसके साथ ही चम्बल के बीहड़ तथा नदी किस तरह खूबसूरत भौगोलिक सुन्दरता का प्रदर्शन करते है।
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इस भ्रमण से लौटे प्रशिक्षुओं ने प्राचार्या प्रो. कविता वर्मा से अपने अनुभव साझा किये। इस मौके पर प्राचार्या ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक एवं शैक्षिक ज्ञान प्रदान करने के लिए शैक्षिक भ्रमण कराता है, जिससे प्रशिक्षु अपने प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करें और संस्कृति के बारे में जानें। प्राचार्य प्रोण् कविता वर्मा ने कहा कि बीएड प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा तभी वह अपने शैक्षणिक कार्य के दौरान बच्चों को ऐसे ज्ञान से अवगत करायेंगे। बीएड प्रशिक्षुओं का भ्रमण डॉ. अमित कौशिक, ज्योति शर्मा, प्रीति वर्मा, हेम कुमार, रेनु कुमारी के निर्देशन में संपन्न हुआ।
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जीएलए विश्वविद्यालय के बीएड प्रशिक्षु विद्यालयों में इन्टर्नशिप पर
जीएलए विश्वविद्यालय के बीएड प्रशिक्षु जनपद के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में इन्टर्नशिप पूरी कर रहे है। राश्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा बीएड के नये मानकों के तहत इस इन्टर्नशिप को विश्वविद्यालय अन्य स्कूलों के सहयोग से पूरा कर रहा है। जिसका उद्देश्य प्रशिक्षुओं को सजीव परिस्थितियों में शिक्षण कौशलों का विकास करना एवं सीखना है।
विभागीय प्राचार्या प्रो. कविता वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि इस इन्टर्नशिप को पूरा करने के बाद बीएड़ प्रशिक्षु शिक्षण कौशलों में अभ्यस्त होकर सरकारी, अर्द्ध सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में अपने शिक्षण कौशल का प्रदर्शन कर रोजगार प्राप्त करेगें। यह इन्टर्नशिप विद्यालयों के प्रधानाचार्यो एवं विभागीय विशय विशेषज्ञ ड़ॉ अमित कौशिक, ज्योती शर्मा, प्रीति वर्मा एवं रेनु कुमारी तथा हेम कुमार, शारदा शर्मा के नेतृत्व में पूर्ण किया जा रहा है।
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