अगले दो दिनों में सुप्रीम कोर्ट छात्रों की याचिका पर करेगा सुनवाई, अंतिम वर्ष की परीक्षाओं पर फैसला जल्द
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देश के 13 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की दर्जनों यूनिवर्सिटी के 31 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार भी कर लिया था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट अगले दो दिनों में 31 छात्रों की याचिका पर सुनवाई करेगा। छात्रों की अपील थी कि स्नातक और परास्नातक कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा अनिवार्य रूप से लेने के यूजीसी के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। इसके अलावा छात्रों ने ये मांग भी की थी कि सीबीएसई की तर्ज पर उनके पिछले पांच सेमेस्टर के प्रदर्शन और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक प्रदान करते हुए उन्हें 31 जुलाई तक डिग्री दे दी जाए।
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जानें क्या है पूरा मामला-
यूजीसी ने हाल ही में आदेश दिए कि सभी विश्वविद्यालयों को 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करनी होगी। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को यह विकल्प दिया था कि वे ऑनलाइन, ऑफलाइन या मिक्स्ड मोड में परीक्षा ले सकते हैं। ऐसे में 13 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की दर्जनों यूनिवर्सिटी के 31 छात्रों ने UGC के आदेश पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इन 31 छात्रों में एक छात्र स्वयं भी कोरोना पॉजिटिव है। सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों की याचिका को स्वीकार किया था और अब दो दिन बाद सुनवाई है। बता दें कि 818 विश्वविद्यालयों में से, 603 विश्वविद्यालयों ने या तो परीक्षाएं आयोजित की हैं या उन्हें संचालित करने की योजना बनाई है। वहीं 2019-2020 के बीच 27 नई यूनिवर्सिटी को मान्यता भी प्रदान की गई है। इन विश्वविद्यालयों में अभी पहली बैच के छात्र अंतिम वर्ष तक पहुंचे भी नहीं हैं।
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