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Teachers Talk: महाराष्ट्र के करमाला में 'टीचर्स टॉक' की शुरुआत,17 तहसील केंद्रों पर होती है चर्चा
Sun, 20 Nov 2022 10:31 AM IST
सौरभ पांडेय
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: सौरभ पांडेय
Updated Sun, 20 Nov 2022 10:31 AM IST
सार
Teachers Talk: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला में 'टीचर्स टॉक' पहल शुरू की गई है। जिसमें वहां के शिक्षक विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Teachers Talk: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला में 'टीचर्स टॉक' पहल शुरू की गई है। जिसमें वहां के शिक्षक विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। जो शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम रुझानों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर बात करते हैं। दरअसल टेड टॉक्स और जोश टॉक्स की तर्ज पर की गई पहल को करमाला तहसील में पंचायत समिति द्वारा शुरू किया गया है।
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तहसील में 17 केंद्रों पर वार्ता का आयोजन
मासिक शिक्षा सम्मेलनों के दौरान तहसील में 17 केंद्रों पर वार्ता आयोजित की जाती है। इन केंद्रों से जुड़े स्कूलों के शिक्षक सर्वोत्तम प्रथाओं और उनके द्वारा सामना किए जाने वाले विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिलते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक इस तरह की दो वार्ताओं का आयोजन किया जा चुका है और कई शिक्षकों ने इसमें हिस्सा लिया। यह बात सरकारी स्कूलों के शिक्षकों तक ही सीमित नहीं है। इसमें निजी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त संस्थानों के शिक्षक भी भाग ले सकते हैं।
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शिक्षकों ने साझा किए अनुभव
खतगांव के एक स्कूल शिक्षक बालासाहेब बोडाखे ने कहा कि उन्होंने खेल और क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने में शिक्षकों की भूमिका के बारे में बात की। अपने टीचर्स टॉक के दौरान, मैंने एक खेतिहर मजदूर की बेटी का उदाहरण दिया, जिसने स्कूल में उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीता।इसी तरह, खडकी के एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका प्रफुल्लता सतपुते ने बच्चों में पढ़ने की अच्छी आदत डालने के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल शिक्षकों को व्यावहारिक बनाती है, बल्कि साथी शिक्षकों और छात्रों को ज्ञान प्राप्त करने में भी मदद करती है।
सर्वश्रेष्ठ 'टीचर्स टॉक' देने वाले शिक्षकों को तीन हजार का नकद पुरस्कार
खंड विकास अधिकारी मनोज राउत ने कहा कि अधिकारियों ने यशकल्याणी सेवाभावी संस्था, एक एनजीओ के साथ समझौता किया है, जो हर महीने सर्वश्रेष्ठ 'टीचर्स टॉक' देने वाले शिक्षकों को 3,000 रुपये का नकद पुरस्कार, एक प्रमाण पत्र और पदक देने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि "हम इन भाषणों को स्ट्रीम करने के लिए एक यूट्यूब चैनल शुरू करने की भी योजना बना रहे हैं और आने वाले दिनों में एक किताब में सबसे अच्छी बातचीत को शामिल करने की योजना है।खंड विकास अधिकारी ने इस बारे में बताया-
इस बारे में बात करते हुए कर्मला तहसील के खंड विकास अधिकारी मनोज राउत ने कहा कि हमने टेड टॉक्स और जोश टॉक्स की तर्ज पर तहसील के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में टीचर्स टॉक शुरू करने का निर्णय लिया। शिक्षक सटीक और प्रेरक तरीके से 15 से 20 मिनट के लिए शिक्षा और संबद्ध क्षेत्रों में नए विषयों के बारे में बात कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को व्यावहारिक, जिज्ञासु होने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें शिक्षा और संबद्ध क्षेत्रों में वैश्विक रुझानों और विकास के बारे में जागरूक रखना और अन्य शिक्षकों को प्रेरित करना है। उन्होंने आगे कहा कि अधिकारियों ने अमेरिकी शिक्षा प्रणाली, शिक्षा के क्षेत्र में यूनिसेफ की भूमिका, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा क्षेत्र में प्रयोग, खेल के बुनियादी ढांचे, बाल मनोविज्ञान, रोबोटिक्स जैसे 30 विषयों पर विचार-मंथन और क्यूरेट किया।
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