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Hindi News ›   Education ›   Supreme Court Slams OCI Students over plea on fee parity says to opt Indian citizenship

दो टूक : ओसीआई कार्ड धारकों से ज्यादा फीस का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- नागरिकता लेकर देश की सेवा क्यों नहीं करते?

Tue, 11 Jan 2022 05:40 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Tue, 11 Jan 2022 05:40 PM IST
सार

Supreme Court on OCI Students over plea on fee parity: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उच्च शिक्षा संस्थानों में ओसीआई कार्ड धारक उम्मीदवारों के ज्यादा फीस लेने के खिलाफ याचिका की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को नसीहत दी है। 

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Supreme Court Slams OCI Students over plea on fee parity says to opt Indian citizenship
Supreme Court Slams OCI Students - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उच्च शिक्षा संस्थानों में ओसीआई कार्ड धारक उम्मीदवारों से ज्यादा फीस लेने के खिलाफ याचिका की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को नसीहत दी है। मामले में सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) छात्र से पूछा कि आप भारतीय नागरिकता का विकल्प क्यों नहीं चुनते और इस देश की सेवा क्यों नहीं करते? दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में आईआईटी द्वारा ली जाने वाली फीस पर भारतीय नागरिकों के साथ समानता की मांग को लेकर एक याचिका दायर की गई थी। 

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आप यहां पढ़ना और फिर वहां उड़ना चाहते हैं : कोर्ट

जस्टिस एसए नजीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने छात्र द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया और इस मुद्दे पर केंद्र से जवाब मांगा है। साथ ही मामले में सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने ओसीआई छात्र से कहा कि समस्या यह है कि आप दोनों तरह से चाहते हैं। आप यहां पढ़ना चाहते हैं और फिर वहां उड़ना चाहते हैं। पीठ ने पूछा कि आप भारतीय नागरिकता का विकल्प क्यों नहीं चुनते और इस देश की सेवा क्यों नहीं करते? 

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ओसीआई उम्मीदवारों को स्थानीय माना जाए : याचिकाकर्ता

याचिकाकर्ता के वकील ने प्रस्तुत किया कि आईआईटी मद्रास छात्र को विदेशी नागरिकों से ली जाने वाली फीस के समान भुगतान करने के लिए कह रहा था और शीर्ष अदालत द्वारा पारित आदेश का हवाला दिया, जिसमें ओसीआई उम्मीदवारों को यहां के निवासियों के समान सामान्य श्रेणी में नीट काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। याचिका में कहा गया है कि ओसीआई के साथ प्रवासी भारतीयों और विदेशी नागरिकों जैसा व्यवहार करना मनमाना है।

सॉलिसिटर जनरल बोले- यह व्यापक मुद्दा

वहीं, केंद्र की ओर से मामले में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह एक व्यापक मुद्दा है और भारतीय छात्रों के साथ गलत व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। बता दें कि ओसीआई कार्ड लंबी अवधि के लिए वीजा मुक्त यात्रा और भारत में रहने की सुविधा प्रदान करता है और कार्ड धारकों को कई विशेषाधिकार प्रदान करता है जो आमतौर पर किसी विदेशी नागरिक को नहीं दिए जाते हैं। ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) प्रवासी भारतीयों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है।

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