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Education: नौवीं से कॉलेज तक छात्र पढ़ेंगे चुनावी प्रक्रिया, शिक्षा मंत्रालय और भारत निर्वाचन आयोग में समझौता
Wed, 20 Dec 2023 05:32 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Wed, 20 Dec 2023 05:32 AM IST
सार
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से मंगलवार को इस संबंध में सभी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र भी लिखा गया है। इसमें चुनावी प्रक्रिया को पाठ्यक्रम में शामिल करने और उसके आधार पर क्रेडिट देने की बात की गई है।
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संसद
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अब कक्षा नौवीं से लेकर उच्च शिक्षा तक छात्र चुनावी प्रक्रिया पढ़ेंगे। छात्र जीवन से ही उन्हें लोकतंत्र में मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्कूल से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को लोकतंत्र, मतदान आदि की प्रक्रिया समझाने के लिए बाकायदा पाठ्यक्रम बनेगा। चुनावी प्रक्रिया की परीक्षा देने के बाद सर्टिफिकेट और डिग्री में उनके क्रेडिट भी जुड़ेंगे। स्कूली शिक्षा से ही छात्रों को जागरूक करने के मकसद से चुनावी प्रक्रिया को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय और भारत निर्वाचन आयोग के बीच समझौता हुआ है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से मंगलवार को इस संबंध में सभी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र भी लिखा गया है। इसमें चुनावी प्रक्रिया को पाठ्यक्रम में शामिल करने और उसके आधार पर क्रेडिट देने की बात की गई है। इसमें लिखा है कि चुनावी भागीदारी लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इसके लिए युवाओं में रुचि पैदा करना जरूरी है। क्योंकि युवा ही भावी मतदाता है। यह भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में युवाओं की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
मतदान करने के साथ आम लोगों को भी जोड़ेंगे
ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में मतदान का आंकड़ा बेहद कम रहता है। शहरों मतदाताओं को लोकतंत्र के मेले में मतदान के प्रति जागरूक करने में युवा बेहद अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए स्कूली शिक्षा के दौरान ही उन्हें चुनावी प्रक्रिया के बारे में पाठ्यक्रम के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इससे वे जागरूक होकर खुद मतदान करने के साथ आम लोगों को भी जोड़ेंगे। उच्च शिक्षण संस्थानों को चुनावी प्रक्रिया को पाठ्यक्रम में शामिल करने से पहले ऑनलाइन, ऑफलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग के सहयोग से शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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जनवरी से नए वोटरों को जोड़ने का अभियान
लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों के तहत एक जनवरी से भारत निर्वाचन आयोग नए मतदाताओं को जोड़ने का अभियान शुरू करने जा रहा है। इसमें 17 साल से अधिक आयु के छात्रों को इस विशेष अभियान में जोड़ा जाएगा। जैसे ही छात्र 18 वर्ष का होगा, उसका नाम मतदाता सूची में शामिल हो जाएगा।
ईवीएम, वीवीपैट के बारे में भी पढ़ेंगे
चुनावी प्रक्रिया में छात्रों को ईवीएम, वीवीपैट , भारत निर्वाचन आयोग मोबाइल एप, बैलेट यूनिट मतदान कंपार्टमेंट, कंट्रोल यूनिट, पीठासीन अधिकारी, दो मतदान अधिकारी, पोलिंग एजेंट, वोटिंग कंपार्टमेंट, नोटा आदि के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। इसका मकसद उन्हें चुनावी प्रक्रिया की हर जानकारी से रूबरू करवाना है। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में चुनावी प्रकिया को समझाने के लिए मॉक पोल यानी चुनाव का ट्रायल भी करवाया जाएगा। 25 जनवरी को शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय मतदाता दिवस भी मनेगा।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से मंगलवार को इस संबंध में सभी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र भी लिखा गया है। इसमें चुनावी प्रक्रिया को पाठ्यक्रम में शामिल करने और उसके आधार पर क्रेडिट देने की बात की गई है। इसमें लिखा है कि चुनावी भागीदारी लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इसके लिए युवाओं में रुचि पैदा करना जरूरी है। क्योंकि युवा ही भावी मतदाता है। यह भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में युवाओं की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
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मतदान करने के साथ आम लोगों को भी जोड़ेंगे
ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में मतदान का आंकड़ा बेहद कम रहता है। शहरों मतदाताओं को लोकतंत्र के मेले में मतदान के प्रति जागरूक करने में युवा बेहद अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए स्कूली शिक्षा के दौरान ही उन्हें चुनावी प्रक्रिया के बारे में पाठ्यक्रम के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इससे वे जागरूक होकर खुद मतदान करने के साथ आम लोगों को भी जोड़ेंगे। उच्च शिक्षण संस्थानों को चुनावी प्रक्रिया को पाठ्यक्रम में शामिल करने से पहले ऑनलाइन, ऑफलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग के सहयोग से शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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जनवरी से नए वोटरों को जोड़ने का अभियान
लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों के तहत एक जनवरी से भारत निर्वाचन आयोग नए मतदाताओं को जोड़ने का अभियान शुरू करने जा रहा है। इसमें 17 साल से अधिक आयु के छात्रों को इस विशेष अभियान में जोड़ा जाएगा। जैसे ही छात्र 18 वर्ष का होगा, उसका नाम मतदाता सूची में शामिल हो जाएगा।
ईवीएम, वीवीपैट के बारे में भी पढ़ेंगे
चुनावी प्रक्रिया में छात्रों को ईवीएम, वीवीपैट , भारत निर्वाचन आयोग मोबाइल एप, बैलेट यूनिट मतदान कंपार्टमेंट, कंट्रोल यूनिट, पीठासीन अधिकारी, दो मतदान अधिकारी, पोलिंग एजेंट, वोटिंग कंपार्टमेंट, नोटा आदि के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। इसका मकसद उन्हें चुनावी प्रक्रिया की हर जानकारी से रूबरू करवाना है। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में चुनावी प्रकिया को समझाने के लिए मॉक पोल यानी चुनाव का ट्रायल भी करवाया जाएगा। 25 जनवरी को शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय मतदाता दिवस भी मनेगा।
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