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एसएयू: प्रोफेसरों के निलंबन पर शिक्षाविदों ने जताया विरोध, सार्क के विदेश मंत्रियों-महासचिव को लिखा पत्र

Sun, 09 Jul 2023 12:01 PM IST
सौरभ पांडेय अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: सौरभ पांडेय Updated Sun, 09 Jul 2023 12:01 PM IST
सार

नई दिल्ली। चाणक्यपुरी स्थित दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (एसएयू) में चार प्रोफेसरों के निलंबन को लेकर 500 से अधिक वैश्विक शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने विरोध जाता है।

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South Asian University professors suspension Global educationists written letter to SAARC
sau professior case - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नई दिल्ली। चाणक्यपुरी स्थित दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (एसएयू) में चार प्रोफेसरों के निलंबन को लेकर 500 से अधिक वैश्विक शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने विरोध जाता है। इसे लेकर दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के विदेश मंत्रियों व महासचिव को पत्र लिखकर निलंबन की निंदा की है।

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उन्होंने मंत्रियों से इस संबंध में हस्तक्षेप करने और एसएयू प्रशासन से अनुचित आदेश को रद्द करने और विश्वविद्यालय में अनुकूल शैक्षणिक माहौल स्थापित करने का आग्रह किया है। शिक्षाविदों ने एक साझा पत्र में बताया कि संकाय सदस्यों को कथित तौर पर कदाचार के लिए 16 जून 2023 को विश्वविद्यालय की ओर निलंबित कर दिया गया था, लेकिन निलंबन आदेशों में कदाचार की प्रकृति का उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, उन्हें विश्वविद्यालय की ओर 30 दिसंबर 2022 को कारण बताओ नोटिस दिया गया था। जिसमें एसएयू प्रशासन ने उन छात्रों के साथ जिस दयालु तरीके से व्यवहार किया था, उस पर सवाल उठाया था। यह छात्र अपने मासिक वजीफे में कमी का विरोध कर रहे थे।

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पत्र में कहा गया है कि प्रशासन ने विरोध करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस बुलाई थी। निलंबित प्रोफेसरों ने छात्रों के खिलाफ हस्तक्षेप करने के लिए परिसर में पुलिस को बुलाने और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ प्रशासकों द्वारा उठाए गए प्रतिशोधात्मक कदमों के बारे में अपनी चिंताएं दर्ज की थीं।  पत्र में अकील बिलग्रामी, अमित भादुड़ी, अनु मुहम्मद आदि शामिल हैं।

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