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सरकार ने स्कूलों को भेजा नोटिस, ये नहीं किया तो CBSE छीन सकता है मान्यता
Fri, 30 Aug 2019 01:36 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया
Updated Fri, 30 Aug 2019 01:36 PM IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्र-छात्राओं की बेहतरी के लिए कई नियम बनाए हैं, जिन्हें स्कूलों को पूरा करना है। इनमें से कई नियम अनिवार्य हैं, जिन्हें अगर पूरा नहीं किया गया तो बोर्ड स्कूल की मान्यता भी छीन सकता है। ऐसा ही एक मामला दिल्ली के कई स्कूलों में देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजधानी में 151 स्कूल ऐसे हैं जो बोर्ड के एक जरूरी नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके लिए दिल्ली सरकार ने इन सभी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
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बाल अधिकार पर काम करने वाली दिल्ली सरकार की संस्था दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) ने पाया कि यहां के 151 स्कूलों में बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर है ही नहीं।
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इसके बाद आयोग ने इन स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि अगर नोटिस मिलने के छह सप्ताह के अंदर स्कूलों ने स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति नहीं की, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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नोटिस में कहा गया है कि 'अगर स्कूल दिए गए समय में स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति करने में असफल होते हैं तो उन्हें इसका कारण बताना होगा। ऐसा नहीं किया गया तो फिर आयोग को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के समक्ष यह प्रस्ताव रखना होगा कि वह ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द कर दे।'
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नोटिस में यह भी बताया गया है कि साल 2015 में सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया था कि वे अपने यहां स्पेशल एजुकेटर्स की नियुक्ति करें। ताकि स्पेशल नीड वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। साथ ही ऐसे बच्चों की जरूरतों का भी अच्छी तरह ख्याल रखा जा सके।
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