DU Admission 2022: दिल्ली विश्वविद्यालय में खाली रहीं स्नातक की सीटें, जानें किस कॉलेज में कितनी रिक्तियां
DU Admission 2022: दिल्ली विश्वविद्यालय में तीसरे दौर के आवंटन के बाद कई सीटें खाली हैं। जिसके बाद कॉलेजों के प्राचार्यों ने प्रवेश प्रक्रिया में देरी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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DU Admission 2022: दिल्ली विश्वविद्यालय में सीट आवंटन के तीसरे दौर में प्रवेश प्रक्रिया के बावजूद दक्षिण और ऑफ-कैंपस के कई कॉलेजों में विज्ञान पाठ्यक्रमों की सीटें खाली हैं। कॉलेज प्राचार्यों ने सीट रिक्तियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया में देरी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान के छात्रों के पास व्यापक विकल्प हैं। क्योंकि वे वाणिज्य पाठ्यक्रम भी चुन सकते हैं। कॉलेजों को उम्मीद है कि कुछ रिक्तियां तीसरे दौर तक भर दी जाएंगी।
तीसरे दौर के आवंटन के बाद स्थिति
विश्वविद्यालय ने रविवार को सीट आवंटन की तीसरी सूची जारी की और छात्रों को मंगलवार तक आवंटित सीटों को स्वीकार करने का समय दिया गया था। आवंटन के दूसरे दौर के अंत में, 61,500 से अधिक छात्रों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया है। तीसरे दौर में स्नातक कार्यक्रमों के लिए 16,231 सीटें आवंटित की गईं। सोमवार शाम 7 बजे तक, 9,504 छात्रों ने कॉलेज और उन्हें आवंटित पाठ्यक्रमों को स्वीकार कर लिया है।
दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में, वाणिज्य और कला विभागों में अधिकांश सीटें भरी हुई हैं, दो में से केवल एक खाली है। हालांकि, विज्ञान पाठ्यक्रमों में रिक्तियां अभी भी दो अंकों में हैं। प्राचार्य हेमचंद जैन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि कॉलेज में 912 स्वीकृत सीटें थीं और दोपहर तीन बजे तक 748 छात्रों ने शुल्क देकर अपना प्रवेश पक्का कर लिया था। जैन ने कहा कि वाणिज्य और कला विभागों में सीटें पहले ही भर चुकी हैं। उन्होंने कहा, "हमें तीसरे दौर में भी विज्ञान पाठ्यक्रमों में सीटें भरने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, हमें उम्मीद है कि इस दौर में अधिकांश सीटें भर जाएंगी।
दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में खाली हैं सीटें
दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में बीएससी (ऑनर्स) कोर्स के लिए बॉटनी में 14, कंप्यूटर साइंस में 10, इलेक्ट्रॉनिक्स में 14, गणित में 19 और फिजिक्स में 22 सीटें खाली हैं। जूलॉजी और लाइफ साइंस में भी क्रमश: आठ और 12 सीटें खाली हैं। ऑफ-कैंपस राजधानी कॉलेज में, रसायन विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स और भौतिकी सहित संस्कृत और विज्ञान पाठ्यक्रमों में अधिकतम रिक्तियां हैं। कॉलेज में 1,192 स्वीकृत सीटें हैं और सोमवार रात तक 900 सीटें भर दी गई हैं। प्राचार्य राजेश गिरी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा, ''विज्ञान के पाठ्यक्रमों में सीटें अब भी खाली हैं। हर साल यही स्थिति रहती है। विज्ञान के पाठ्यक्रम हमेशा देर से भरे जाते हैं। विज्ञान के छात्रों के पास बहुत सारे विकल्प हैं क्योंकि वे कई वाणिज्य पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश ले सकते हैं। पहले ही 1,375 छात्रों को प्रवेश दिया जा चुका है।
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