स्कूलों में बच्चों को दी जाएगी पुलिस ट्रेनिंग, सरकार ने किया फैसला
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अब स्कूलों में भी बच्चों को पुलिस की ट्रेनिंग दी जाएगी। बच्चों में कानून और कानूनी प्रक्रियाओं की समझ विकसित करने और किशोरावस्था में बढ़ते अपराधों से निपटने के लिए राजस्थान सरकार ने यह फैसला लिया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया जा रहा है। इसका एक उद्देश्य बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाना भी है।
अधिकारियों के अनुसार, इसी शैक्षणिक सत्र से राज्य के कुछ चयनित सरकारी स्कूलों में इसकी शुरुआत की जाएगी। यह दो साल का प्रशिक्षण आठवीं और नौंवीं कक्षा के वि्दयार्थियों के लिए होगी। इस कार्यक्रम के तहत, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स (SPC) के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये बच्चे प्रशिक्षण के बाद गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस या अपने क्षेत्र के ऐसे अन्य किसी सार्वजनिक समारोह में स्वैच्छिक रूप से सेवा दे सकते हैं।
इस कार्यक्रम की राज्य नोडल पदाधिकारी और सामुदायिक पुलिस मुख्यालय की अधिकारी रानू शर्मा ने बताया है कि केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, यह एसपीसी प्रशिक्षण कार्यक्रम 930 सरकारी स्कूलों और 70 केंद्रीय विद्यालयों में लॉन्च किया जा चुका है।
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किस तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी स्टूडेंट्स को
रानू शर्मा के अनुसार, इस एसपीसी कार्यक्रम का राज्य के 39 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था, जो सफल रहा। विद्यार्थियों को एसपीसी के तहत जो प्रशिक्षण दिया जाना है, उसमें 15 मॉड्यूल्स तैयार किए गए हैं...
- इसके तहत विद्यार्थियों को सार्वजनिक व निजी जीवन के सभी पहलुओं, जैसे - व्यक्तित्व विकास, शारीरिक व मानसिक विकास, सामाजित उत्तरदायित्व का पाठ पढ़ाया और सिखाया जाएगा।
- विद्यार्थियों को तीन स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये तीन स्तर होंगे - इनडोर कक्षाएं, बाहरी गतिविधियां और संबंधित स्थलों व कार्यालयों का भ्रमण।
जिन स्कूलों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चुना गया है उन्हें इस दो साल के कोर्स के लिए एक लाख रुपए का ग्रांट दिया जाएगा।
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