फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   SC will be announcing the verdict on the EWS Reservation for admissions and government jobs today

Supreme Court On EWS Quota: सरकारी नौकरियों के लिए ईडब्ल्यूएस कोटा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज,पढ़िए पूरी खबर

Mon, 07 Nov 2022 09:55 AM IST
सौरभ पांडे एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सौरभ पांडे Updated Mon, 07 Nov 2022 09:55 AM IST
सार

 सुप्रीम कोर्ट आज 7 नवंबर 2022 को ईडब्ल्यूएस आरक्षण के संबंध में अपने फैसले की घोषणा करेगा। शीर्ष अदालत फैसला सुरक्षित रखने के बाद प्रवेश और सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए 10% कोटा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपने अंतिम निर्णय की घोषणा करेगी।

विज्ञापन
SC will be announcing the verdict on the EWS Reservation for admissions and government jobs today
Supreme Court - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

Supreme Court On EWS Quota: सुप्रीम कोर्ट आज 7 नवंबर 2022 को प्रवेश और सरकारी नौकरियों के लिए ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर फैसले की घोषणा करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय संविधान के 103 वें संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाओं के संबंध में अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रवेश और सरकारी नौकरियों के लिए ईडब्ल्यूएस कोटा प्रदान करता है।  उस पर फैसला आज पेश किया जाएगा।
विज्ञापन

 

ईडब्ल्यूएस मामले पर फैसला सुरक्षित
भारत के मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, एस रवींद्र भट, बेला एम त्रिवेदी और जेबी पारदीवाला ने 27 सितंबर, 2022 को ईडब्ल्यूएस मामले के बारे में फैसला सुरक्षित रखा था। अंतिम फैसला आज शीर्ष अदालत द्वारा घोषित किया जाएगा। ईडब्ल्यूएस आरक्षण के खिलाफ दायर याचिकाएं आरक्षण की वैधता पर सवाल उठाती हैं और आगे कहती हैं कि ईडब्ल्यूएस कोटा भारत के संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

ईडब्ल्यूएस कोटा पर बहस
कानून के जानकार डॉ. जी मोहन गोपाल ने याचिकाकर्ताओं में से एक का प्रतिनिधित्व किया और कोटा के खिलाफ तर्क दिया। पीटीआई की रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 सितंबर, 2022 को सुनवाई के दौरान, शिक्षाविद ने तर्क दिया कि ईडब्ल्यूएस कोटा एक अवधारणा के रूप में आरक्षण को नष्ट करने के लिए "धोखा देने का प्रयास है। वहीं ईडब्ल्यूएस कोटा का बचाव करते हुए, केंद्र ने कहा है कि आरक्षण "उन लोगों को उच्च शिक्षा और रोजगार में समान अवसर प्रदान करके सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए लाया गया था, जिन्हें उनकी आर्थिक स्थिति के आधार पर बाहर रखा गया है। केंद्र ने आगे कहा कि ईडब्ल्यूएस कोटा इस तरह से पेश किया गया था, जहां यह अन्य आरक्षणों को प्रभावित नहीं करता था। ईडब्ल्यूएस कोटा 2019 में केंद्र सरकार द्वारा प्रवेश और सार्वजनिक सेवाओं के लिए 103 वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से पेश किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed