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Hindi News ›   Education ›   SC seeks details from Centre about Ukraine-returned medical students and also conclude NEET PG Counselling

सुप्रीम कोर्ट : यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों के बारे में केंद्र को निर्देश, लाभान्वितों का ब्यौरा भी मांगा

Fri, 11 Nov 2022 09:48 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Fri, 11 Nov 2022 09:48 PM IST
सार

Medical Education: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यूक्रेन से लौटे हजारों मेडिकल छात्रों की खैर-खबर भी ली। सर्वोच्च न्यायालय ने यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों के लिए शुरू किए गए अकादमिक गतिशीलता कार्यक्रम से लाभान्वित होने वाले छात्रों का ब्यौरा मांगा है।

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SC seeks details from Centre about Ukraine-returned medical students and also conclude NEET PG Counselling
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

Medical Education: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यूक्रेन से लौटे हजारों मेडिकल छात्रों की खैर-खबर भी ली। सर्वोच्च न्यायालय ने यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों के लिए शुरू किए गए अकादमिक गतिशीलता कार्यक्रम से लाभान्वित होने वाले छात्रों का ब्यौरा मांगा है। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने केंद्र सरकार को एक हलफनामा दाखिल करने को कहा, जिसमें तीसरे देशों में समायोजित किए गए मेडिकल छात्रों की संख्या और योजना कैसे आगे बढ़ रही है, इसका विवरण दिया जाए। 

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सुनवाई के दौरान, यूक्रेन से लौटे छात्रों की ओर से अलग-अलग याचिकाकर्ता वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत सिन्हा, मेनका गुरुस्वामी और आर बसंत ने कहा कि सरकार इन छात्रों से पीछे नहीं हट सकती और मदद के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि 12 राज्य इन छात्रों को स्वीकार करने और उनका पाठ्यक्रम पूरा करने में उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं और केंद्र को केवल इसकी अनुमति देनी होगी। 

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जबकि केंद्र सरकार ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि भारत में मेडिकल शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हजारों छात्र नीट परीक्षा पास करके उन कॉलेजों में गए हैं और यूक्रेन से लौटे इन छात्रों को अनुमति देने से देश में पूरी चिकित्सा शिक्षा प्रणाली बाधित होगी। इस पर पीठ ने कहा कि ये सभी मुद्दे विशेषज्ञ क्षेत्र में हैं और कोर्ट कुछ नहीं कर सकता, क्योंकि चिकित्सा शिक्षा एनएमसी द्वारा नियंत्रित होती है और केंद्र को उन्हें समायोजित करने के बारे में फैसला करना होता है। साथ ही पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि वह छात्रों को दक्षिण एशियाई देशों में सहायता मुहैया कराने की तलाश करे। 

 

कोई भी अतिरिक्त छूट देना प्रतिकूल होगा

इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि विदेश मंत्रालय की सहायता से एनएमसी ने छह सितंबर को अकादमिक गतिशीलता कार्यक्रम शुरू किया था। इसके तहत यूक्रेन से लौटे छात्र अन्य देशों के विश्वविद्यालयों या कॉलेजों में अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकते थे। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए कोई भी अतिरिक्त छूट प्रतिकूल होगी और बताया कि पीड़ित छात्र अपनी पसंद से यूक्रेन गए हैं। इससे पहले केंद्र ने 23 सितंबर को शीर्ष अदालत से कहा था कि वह यूक्रेन से भारत लौटे मेडिकल छात्रों की सहायता के लिए अदालत द्वारा दिए गए सुझावों पर काम कर रहा है। 
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