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SHUATS: धर्म परिवर्तन मामले के आरोपी VC और अन्य को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत, सुप्रीम कोर्ट ने रोका HC का आदेश

Tue, 19 Dec 2023 12:22 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Tue, 19 Dec 2023 12:22 PM IST
सार

SHUATS: सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी और विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य अधिकारियों पर बलात्कार, अवैध धर्म परिवर्तन और अनैतिक तस्करी के आरोप लगे। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है।

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SC grants interim protection from arrest to Religious conversion case SHUATS VC, others
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

Religious Conversion Case: सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी और विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य अधिकारियों पर बलात्कार, अवैध धर्म परिवर्तन और अनैतिक तस्करी जैसे आरोप लगे। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है।

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जिस मामले में कुलपति राजेंद्र बिहारी लाल और अन्य ने राहत मांगी है वह बलात्कार, अवैध धर्म परिवर्तन और अनैतिक तस्करी के आरोपों से संबंधित है। उनके खिलाफ एफआईआर 4 नवंबर, 2023 को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक महिला ने दर्ज कराई थी।
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न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की वेकेशन बैंच ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी और कुलपति द्वारा दायर याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया।
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उच्च न्यायालय ने 11 दिसंबर के अपने आदेश में कहा, "चूंकि याचिकाकर्ताओं पर जघन्य अपराध का आरोप है, हम निर्देश देते हैं कि उन्हें 20 दिसंबर, 2023 को या उससे पहले अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना चाहिए और नियमित जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए। संबंधित अदालत द्वारा आरोपी याचिकाकर्ताओं की सुनवाई और निर्णय किसी भी टिप्पणी से प्रभावित हुए बिना यथासंभव शीघ्रता से गुण-दोष के आधार पर किया जाएगा।''

विश्वविद्यालय की पूर्व संविदा कर्मचारी महिला ने उन पर विश्वविद्यालय में नौकरी की पेशकश के बाद यौन शोषण और धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया था।

राजेंद्र बिहारी लाल और अन्य आरोपियों ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी कि एफआईआर दुर्भावना से प्रेरित थी क्योंकि उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था।

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