RBI सर्वे में सामने आई भारतीयों के मन की बात, कहा- ऐसे हैं नौकरी और वेतन के हालात
- भारतीय रिजर्व बैंक के सर्वेक्षण भारतीयों में नौकरी को लेकर दिखी निराशा
- लोगों ने बताया- रोजगार और वेतन को लेकर कैसे लगते हैं हालात
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देश में नौकरी और वेतन के हालातों के बारे में भारतीय क्या सोचते हैं? आने वाले समय में सैलरी बढ़ेगी या घटेगी, इस बारे में देशवासियों का क्या कहना है? आने वाले सालों में नौकरी की क्या स्थिति रहेगी? इन सभी सवालों के जवाब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वार किए गए एक सर्वेक्षण में मिले हैं। इस सर्वेक्षण में भारत के लोगों के मन की बात सामने आई है।
आरबीआई ने सितंबर महीने के लिए अपना कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे (Consumer Confidence Survey) जारी किया है। इसमें जो आंकड़े सामने आए हैं, उससे भारतीयों में रोजगार की स्थति को लेकर गहरी निराशा झलकती है।
कैसी है रोजगार की स्थिति
- 52.5 फीसदी लोगों का ये मानना है कि रोजगार के हालात बदतर हुए हैं। सितंबर 2012 के बाद, यानी पिछले 7 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में लोग ऐसा सोच रहे हैं।
- 33.4 फीसदी लोग सोचते हैं कि आने वाले सालों में यह स्थिति और बिगड़ेगी। ऐसा सोचने वालों की संख्या भी बीते सालों में सबसे ज्यादा है।
कैसी है वेतन की स्थिति
- 27.7 फीसदी लोगों का कहना है कि उनका वेतन पहले की तुलना में घटा है।
- हालांकि 53 फीसदी लोगों को ये उम्मीद भी है कि आने वाले साल में उनकी आय बढ़ेगी। सिर्फ 9.6 फीसदी ऐसा सोचते हैं कि आय घटेगी।
- इस सर्वेक्षण में ये बात सामने आई है कि लोग देश की अर्थव्यवस्था से कहीं ज्यादा विश्वास खुद में रखते हैं।
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घर खर्च और अर्थव्यवस्था
- 30.1 फीसदी परिवारों का कहना है कि उन्हें गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। जबकि 26 फीसदी सोचते हैं कि भविष्य में भी उन्हें खर्चों में कटौती करनी पड़ेगी।
- जबकि जरूरी चीजों पर लोगों ने खर्च में बढ़ोतरी की है और उनका कहना है कि आगे भी ऐसा करेंगे।
- जहां तक देश के आर्थिक हालातों की बात है, तो 47.9 फीसदी गृहस्थों को लगता है कि यह बिगड़ी है। अब से पहले दिसंबर 2013 में इतनी बड़ी संख्या में लोग ऐसा सोच रहे थे। तब 54 फीसदी लोगों ने कहा था कि अर्थव्यवस्था की हालत खराब है।
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कहां किया गया ये सर्वेक्षण
आरबीआई ने ये सर्वेक्षण देश के 13 बड़े शहरों में किया है। इन शहरों के कुल 5,192 घरों में यह सर्वेक्षण किया गया है। जिन शहरों में ये सर्वेक्षण हुआ, वे हैं - दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलूरु, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, पटना, त्रिवेंद्रम, भोपाल और गुवाहाटी।
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