फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Biggest Oppotunities in Navy, Space and Cyber, NSA Ajit Doval said in Goa Maritime Conclave

समुद्र, अंतरिक्ष व साइबर... इन क्षेत्रों में मिलने वाले हैं सबसे ज्यादा अवसर: डोभाल

Fri, 04 Oct 2019 02:19 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Fri, 04 Oct 2019 02:19 PM IST
सार

  • गोवा मेरीटाइम कॉन्क्लेव में एनएसए अजीत डोभाल ने देशों से की आपसी सहयोग की बात
  • कहा - समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर में मिलेंगे सबसे बड़े अवसर, साथ ही सबसे बड़े खतरे भी

विज्ञापन
Biggest Oppotunities in Navy, Space and Cyber, NSA Ajit Doval said in Goa Maritime Conclave
एनएसए अजीत डोभाल - फोटो : Social Media

विस्तार

समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर (इंटरनेट)... ये तीन ऐसे क्षेत्र हैं जहां आने वाले समय में सबसे ज्यादा अवसर मिलने वाले हैं। ये बात भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकाल अजीत डोभाल ने कही है। 

विज्ञापन


शुक्रवार को डोभाल ने कहा कि 'आने वाले वक्त में समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर ऐसे तीन क्षेत्र होंगे, जिनमें देशों को सर्वाधिक अवसर मिलेंगे। लेकिन साथ-साथ चुनौतियां भी मिलेंगी। ये सबसे बड़े अवसर देंगे। पर ये ही वो तीन क्षेत्र भी होंगे, जहां से सबसे गंभीर खतरे पैदा होंगे।'
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि 'ऐसे में सभी देशों के समक्ष चुनौती है कि हम खतरों को किस तरह कम से कम कर सकते हैं। साथ ही अवसरों का ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सकते हैं। सोचना चाहिए कि हम किस तरह अपनी शक्तियों को पहचानें और उन्हें साथ जोड़ें। क्योंकि यही भावना हमें एकसाथ लाएगी।'
विज्ञापन
विज्ञापन


डोभाल पणजी में चल रहे ‘गोवा मेरिटाइम कॉन्क्लेव’ में बोल रहे थे। यह सम्मेलन दूसरी बार आयोजित हुआ है। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में दस देशों के नौसेना प्रमुख भी शामिल हुए। ये दस देश हैं - 
श्रीलंका
मालदीव
बांग्लादेश
म्यामांर
थाइलैंड
इंडोनेशिया
मॉरिशस
सेशेल्स
सिंगापुर
मलयेशिया

डोभाल ने कहा कि 'भोगौलिक रूप से भारत कई मायनों में लाभ की स्थिति में हैं। हम महत्वाकांक्षी देश हैं। क्षेत्र में शांति देखना चाहते हैं। देशों को तरक्की और विकास करते हुए देखना चाहते हैं।'


उन्होंने इस सम्मेलन में शामिल देशों को क्षेत्रीय समुद्री रणनीतियों में एक दूसरे का पूरक बताया। कहा कि 'बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। लेकिन शायद हममें से कोई भी अकेला अपने दम पर वे कदम उठाने में सक्षम नहीं है। लेकिन अगर हम साथ मिलकर काम करें, तो वो सभी कदम उठाने में सक्षम होंगे। इसलिए समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सभी को साथ मिलकर काम करना चाहिए। नई दिल्ली अपने पड़ोसियों के लिए उपयोगी बनना चाहती है।’

उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि उपस्थित देशों में से किसी का भी एक दूसरे के साथ कूटनीतिक संघर्ष नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed