QS: विद्यार्थियों के लिए दुनिया में दूसरा सबसे किफायती शहर दिल्ली, शीर्ष 140 शहरों में भारत के चार राज्य शामिल
QS World UR 2025: लंदन में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ने रैंकिंग जारी की। जिसमें शीर्ष 140 शहरों में भारत के चार शहर शामिल हैं। छात्र-छात्राओं के रहने के लिए दिल्ली दुनिया में दूसरा और देश में सबसे किफायती शहर है। वहीं, बंगलूरू दुनिया का सातवां सबसे किफायती शहर है। इस सूची में तुर्किये का इजमिर शीर्ष पर है।
विस्तार
QS World UR 2025: लंदन में मंगलवार को क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी 'बेस्ट स्टूडेंट सिटी रैंकिंग 2025' में यह जानकारी सामने आई है। शीर्ष 140 शहरों में भारत के चार शहर हैं जिनमें दिल्ली और बंगलूरू के अलावा मुंबई और चेन्नई शामिल हैं। किफायती और रोजगार में बेहतरीन प्रदर्शन के कारण इनकी रैंकिंग में सुधार हुआ है। क्यूएस बेस्ट स्टूडेंट सिटी 2025 में किफायती शहरों की रैंकिंग में दिल्ली 23 पायदान चढ़कर दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंची है।
समग्र रैंकिंग में 21 पायदान का उछाल आया है। वर्ष 2024 में यह 132वें स्थान पर थी और अब 111 वें रैंक पर पहुंच गई है। मुंबई की रैंकिंग में पांच पायदान का सुधार आया है और वह 118 वें से 113वें स्थान पर आ गई है। बंगलूरू शहर 17 पायदान चढ़कर को 147वें से 130वें स्थान पर आ गया है, जबकि चेन्नई 140वें पायदान पर है। 2024 की रैंकिंग में उसकी 160वीं रैंक थी। दिल्ली, बंगलूरू, मुंबई और चेन्नई किफायती शहरों की सूची में शीर्ष 30 में शामिल हैं।
मुख्य रूप से चार मानकों के आधार पर रैंकिंग
शहरों की रैंकिंग मुख्य रूप से चार मानकों पर तय की गई है। इसमें किफायती शहर, रोजगार देने वाले शहर, डिजायरबिलिटी (रहने की इच्छा) वाले शहर और मिश्रित विद्यार्थियों वाले शहर शामिल हैं। किफायदी शहरों की श्रेणी में दिल्ली दूसरे, बंगलूरू सातवें, मुंबई 20वें और चेन्नई 29वें स्थान पर है।
रोजगार देने वाले शहरों की सूची में दिल्ली 57वें, मुंबई 58वें, चेन्नई 96वें और बंगलूरू 100वें स्थान पर है। रहने की इच्छा वाले शहरों में मुंबई 123वें, चेन्नई 127वें, दिल्ली 129वें और बंगलूरू 135वें स्थान पर है। मिश्रित विद्यार्थियों वाले शहरों में चेन्नई 145वें, दिल्ली 147वें, मुंबई 148वें और बंगलूरू 149वें स्थान पर है।
170 देशों से आते हैं छात्र
वर्ष 2021-22 में भारतीय संस्थानों में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की संख्या 46 हजार के करीब थी। यह उसके पहले वर्ष के मुकाबले दो फीसदी कम थी। भारत में करीब 170 देशों के छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए आते हैं। इनमें सबसे अधिक नेपाली छात्र 28 फीसदी है।
समग्र रैंकिंग में भारत का कोई शहर नहीं छात्रों के लिए समग्र रूप से श्रेष्ठ शहरों की सूची में भारत का कोई शहर शामिल नहीं है। इसमें पहले के 10 स्थान पर लंदन (ब्रिटेन), टोक्यो (जापान), सिओल (द. कोरिया), म्यूनिख (जर्मनी), मेलबर्न, सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), पेरिस (फ्रांस), ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड), बर्लिन (जर्मनी) और मॉन्ट्रियल (कनाडा) शामिल हैं।
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