BEd: अब बीएड नहीं, ITEP कोर्स से बनेंगे प्राइमरी में टीचर? जानिए क्या है ये प्रोग्राम जो लेगा BEd की जगह
What is ITEP Course: कोर्ट के आदेश के बाद बीएड कोर्स की शिक्षक बनने के लिए मानक कोर्स की मान्यता समाप्त कर दी गई है। अब इसकी जगह ITEP कोर्स लेने को तैयार है। आइए जानते हैं कि आखिर ये कोर्स क्या है।
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What Is ITEP Course: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब प्राइमरी स्कूलों में टीचर बनने के लिए बीएड कोर्स मान्य नहीं होगा। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन यानी (NCTE) इसकी जगह ITEP नाम का एक नया मानक कोर्स लाने को तैयार है। आइए जानते हैं कि आखिर ये ITEP कोर्स क्या है और बीएड से कितना अलग होगा।
क्या है ITEP?
साल 2030 के बाद ITEP यानी इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम के जरिये ही शिक्षक भर्तियों को पूरा किया जाएगा। यह एक मानक कोर्स के तौर पर होगा। हालांकि, बीएड कोर्स एकेडमिक तौर पर जारी रहेगा और इसके बाद ग्रेजुएशन और पीएचडी कर सकेंगे, लेकिन शिक्षकों की भर्ती के लिए साल 2030 से चार वर्षीय बीएड या चार-वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) डिग्री को अनिवार्य करने की तैयारी है।
धीरे-धीरे उच्च शिक्षा से लेकर प्राथमिक शिक्षा तक नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को लागू किया जा रहा है। इससे अध्यापन के क्षेत्र में भी नए बदलाव हो रहे हैं।
प्राइमरी शिक्षक के लिए न्यूनतम योग्यता
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की सिफारिशों के तहत बाल वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक के लिए शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता तय की गई है। इसमें बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड शामिल हैं।
एंट्रेंस से होगा सिलेक्शन
शैक्षणिक सत्र 2023-24 से 41 यूनिवर्सिटीज में चार वर्षीय बीएड कोर्स शुरू हो रहा है। NTA अगले हफ्ते इस एंट्रेंस एग्जाम के लिए ऑनलाइन आवेदन विंडो भी खोल सकता है। प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर होगा।
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