SSSUHE Convocation 2023: महिला सशक्तिकरण पर बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू: लड़कियां-लड़कों से कर रहीं बेहतर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा की गई प्रगति भारत में हो रहे बदलाव की झलक पेश करती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को कर्नाटक के चिक्काबल्लापुरा जिले के मुद्देनाहल्ली में श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस (एसएसएसयूएचई) के दूसरे दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा की गई प्रगति भारत में हो रहे बदलाव की झलक पेश करती है। विशेष रूप से इस वर्ष संघ सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष चार रैंक हासिल करने वाली महिलाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "अगर समान अवसर दिए जाएं तो बेटियां लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं"।
मुर्मू ने कर्नाटक के चिक्काबल्लापुरा जिले के मुद्देनाहल्ली में श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस (एसएसएसयूएचई) के दूसरे दीक्षांत समारोह के दौरान कहा, "मुझे बेहद खुशी है कि इस साल की सिविल सेवा परीक्षा में हमारी बेटियों ने शीर्ष चार रैंक में जगह बनाई। यह इंगित करता है कि जब भी समान अवसर दिए जाते हैं, हमारी बेटियां हमारे बेटों से बेहतर प्रदर्शन करती हैं।"
उन्होंने एक प्रसिद्ध हिंदी फिल्म का संवाद बोलते हुए दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच चुटकी लेते हुए कहा, "ये तो ट्रेलर है पिक्चर अभी बाकी है। (यह सिर्फ एक ट्रेलर है। मुख्य पिक्चर अभी बाकी है)।" राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी करते हुए रेखांकित किया कि एसएसएसयूएचई में छात्र आबादी का 66 प्रतिशत लड़कियां हैं और 17 स्वर्ण पदक विजेताओं में से 11 लड़कियां थीं।
उन्होंने याद किया कि पहले झारखंड के राज्यपाल के रूप में और अब राष्ट्रपति के रूप में, उन्होंने कई दीक्षांत समारोहों में भाग लिया, जहां उन्होंने देखा कि महिलाएं विश्वविद्यालयों में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। निजी विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि एसएसएसयूएचई में 50 प्रतिशत छात्र ऐसे हैं जो उनकी तरह अपने परिवार में डिग्री स्तर की शिक्षा प्राप्त करने वाले पहले छात्र हैं।
कमेंट
कमेंट X