Scholarship: बंद नहीं होगी एससी-एसटी छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, केंद्र सरकार ने की पुष्टि
Scholarship: केंद्र सरकार ने साफ किया है कि एससी-एसटी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह योजना 2025-26 तक मान्य है और इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में इन वर्गों की भागीदारी बढ़ाना है।
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Post-Matric Scholarship Scheme: केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए चल रही पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (Post-Matric Scholarship Scheme) को बंद करने की कोई योजना नहीं है।
लोकसभा में एक लिखित उत्तर देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य एससी और एसटी छात्रों का सकल नामांकन अनुपात (GER) यानी उच्च शिक्षा में नामांकन दर बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में योजना को बंद करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है।
यह योजना केंद्र और राज्य सरकारों की साझेदारी में चलाई जा रही है, जिसकी शर्तें और वित्तीय प्रावधान 2021-22 से 2025-26 तक के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल और व्यय वित्त समिति द्वारा स्वीकृत हैं।
एससी छात्रों के लिए वित्तीय व्यवस्था
एससी छात्रों की छात्रवृत्ति योजना में केंद्र और राज्य के बीच 60:40 का अंशदान अनुपात तय है। हालांकि, पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है।
केंद्र सरकार की तरफ से राशि सीधे छात्रों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, लेकिन यह केवल तभी संभव है जब संबंधित राज्य सरकार पहले अपनी 40% हिस्सेदारी जारी कर दे।
एसटी छात्रों के लिए वित्तीय व्यवस्था
एसटी छात्रों की योजना में 75:25 का फंडिंग अनुपात तय है। इसमें केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय, राज्य सरकारों या केंद्रशासित प्रदेशों को कुल राशि का 75% हिस्सा जारी करता है। इसके बाद राज्य या केंद्रशासित प्रदेश 25% राशि जोड़कर पूरी छात्रवृत्ति राशि छात्रों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए एक साथ उनके खाते में भेजते हैं।
सरकार की यह स्पष्टता उन आशंकाओं को दूर करती है, जिनमें कहा जा रहा था कि यह योजना 2025-26 के बाद बंद हो सकती है। फिलहाल, यह योजना पूरी तरह लागू है और इसका उद्देश्य वंचित वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने में सहायता देना है।
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