ऑक्सफोर्ड की रिपोर्ट : भारत ने कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा को बेहतर बनाने में की तरक्की
- देश में डिजिटल शिक्षा तक सबकी पहुंच असमान
- दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी
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कोरोना महामारी के दौर में जहां एक ओर मार्च 2020 से ही लगातार कई राज्यों में अधिकांश समय तमाम तरह के शैक्षणिक संस्थान बंद रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर शैक्षणिक संस्थानों की ओर से शिक्षा संबंधी सभी कार्य, कक्षाएं और लर्निंग असेसमेंट जैसे कार्य ऑनलाइन संचालित किए जा रहे हैं। इस मामले में देश के सरकारी स्कूल और कॉलेज भी पीछे नहीं रहे। शायद यही कारण है कि देश में ऑनलाइन शिक्षा का नया माहौल तैयार हुआ है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (ओयूपी) की एक नई रिपोर्ट में भी यह दावा किया गया है। ओयूपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भारत ने पढ़ाई को डिजिटल बनाने में बेहतर कार्य किया है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश में डिजिटल शिक्षा के लिए जरूरी उपकरणों तक सबकी पहुंच असमान रही है और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी जैसी चीजें भी बड़े मुद्दों के रूप में उभरी हैं।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (ओयूपी) ने ‘एजुकेशन : द जर्नी टूवार्ड्स ए डिजिटल रिवॉल्यूशन’ नामक शीर्षक से रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना महामारी ने अध्यापन और अध्ययन की डिजिटल तथा पारंपरिक विधियों को जोड़कर शिक्षा में ‘हाइब्रिड’ मॉडल की राह प्रशस्त की है।
लेकिन सरकारों को इस पर अभी और काम करने की जरूरत है, ताकि पिछले एक साल की प्रगति व्यर्थ न हो। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए इसमें भारत, ब्रिटेन, पाकिस्तान, ब्राजील, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की के विशेषज्ञों तथा साथ ही दुनियाभर से सैकड़ों शिक्षकों के अनुसंधान कार्य को शामिल किया है।
कोरोना महामारी से पिछले 12 महीने से अधिक वक्त में विश्व में 1.7 अरब से अधिक छात्र-छात्राओं के प्रभावित होने के बीच रिपोर्ट में यह विश्लेषण किया गया कि शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने शिक्षा प्रदान करने के नए तरीकों को किस प्रकार से अपनाया है।
‘एजुकेशन : द जर्नी टूवार्ड्स ए डिजिटल रिवॉल्यूशन’ रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अन्य देशों की तुलना में ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंचने का काम अपेक्षाकृत ठीक रहा और इसे 3.3/5 नंबर मिले। हालांकि, कई लोगों ने बड़े मुद्दों के रूप में डिजिटल शिक्षण उपकरणों तक पहुंच असमान होने और इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी तथा ऑनलाइन शिक्षा से संबंधित जरूरी उपकरणों के बारे में जानकारी की कमी को चिह्नित किया।
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