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तालाबंदी के दौरान 40 फीसदी से ज्यादा जेएनयू विद्यार्थी नहीं ले पाए ऑनलाइन कक्षाएं: सर्वे
Sat, 20 Jun 2020 12:08 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Sat, 20 Jun 2020 12:08 PM IST
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जेएनयू
- फोटो : AMAR UJALA
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तालाबंदी के दौरान 40 फीसदी से ज्यादा जेएनयू विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाएं नहीं ले पाए। एक सर्वे में इस बात की जानकारी दी गई है। इस सर्वे में बताया गया है कि लॉकडाउन के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या की वजह से चालीस फीसदी से ज्यादा विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाए।
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इस सर्वे को दो प्रोफेसर्स ने किया है। जिसमें बताया गया है कि इंटरनेट की दिक्कत, व्यक्तिगत गैजेट्स नहीं होने, पारिवारिक आजीविका की हानि और घरेलू बोझ की वजह से लॉकडाउन के दौरान विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाओं में भाग नहीं ले सके।
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इस सर्वे को अतुल स्टूड और आयशा किदवई ने किया है। सर्वे में जेएनयू के 131 शिक्षकों को शामिल किया गया था जो तालाबंदी के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे थे। इस सर्वेक्षण में बताया गया है कि जेएनयू में 131 शिक्षकों ने ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लिया। विश्वविद्यालय में 22.74 फीसदी शिक्षकों ने ऑनलाइन कक्षाएं ली। 310 संकायों में से 42.25 फीसदी ने ऑनलाइन कक्षाओंं में प्रतिनिधित्व किया। नौ स्कूलों जिनमें मानविकी, सामाजिक विज्ञान, भाषाओं और विज्ञान विभाग आदि शामिल है, ऑनलाइन कक्षाओं का प्रतिनिधित्व किया। सर्वे में कहा गया है कि बीए, एमए / एमएससी और एमटेक / एमफिल / पीएचडी पाठ्यक्रमों के 40 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने ऑनलाइन शिक्षा ली।
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इनमें से बीए पाठ्यक्रम में ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने की पहुंच सबसे कम थी। बीए में 60 फीसदी से ज्यादा विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पाठ्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। इसने कहा कि बीए पाठ्यक्रम में ऑनलाइन कक्षाओं तक पहुंच सबसे कम थी, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक भाग लेने में असमर्थ थे, उसके बाद एमए / एमएससी (40 प्रतिशत से अधिक)। ऑनलाइन कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने की वजह इंटरनेट कनेक्टिविटी, चिंता, अवसाद, व्यक्तिगत कंप्यूटर की अनुपलब्धता और घरेलू बोझ थी।
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