हैदराबाद: उस्मानिया विश्वविद्यालय में धरना-प्रदर्शन पर रोक; नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
Hyderabad: उस्मानिया विश्वविद्यालय ने कैंपस में धरना, प्रदर्शन और अनधिकृत प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने और अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा के प्रयोग पर भी रोक लगाई गई है। नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Osmania University: उस्मानिया विश्वविद्यालय ने अपने परिसरों में किसी भी तरह के आंदोलन, धरना और प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए स्पष्ट किया है कि अब किसी भी विभाग, कॉलेज, केंद्र या प्रशासनिक भवन में बिना अनुमति के प्रवेश, नारेबाजी या प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के काम में रुकावट डालने या उनके खिलाफ अभद्र भाषा के प्रयोग पर भी कड़ा प्रतिबंध लगाया है।
प्रदर्शन और अव्यवस्था पर रोक
एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, हाल के दिनों में छात्रों और छात्र संगठनों द्वारा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और प्रशासनिक भवनों में घुसकर प्रदर्शन करने की कई घटनाएं हुई हैं। इससे न केवल प्रशासनिक कामकाज बाधित हुआ, बल्कि विश्वविद्यालय की छवि भी प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से पढ़ाई-लिखाई में देरी हो रही है और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
जो छात्र या अन्य हितधारक किसी वास्तविक समस्या का समाधान चाहते हैं, वे पहले संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। यदि समाधान न मिले, तो वे पूर्व अनुमति लेकर रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का यह फैसला कैंपस में अनुशासन बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए लिया गया है।
कमेंट
कमेंट X