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ONOS: एक जनवरी से शुरू होगी वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन योजना; करीब 1.8 करोड़ छात्रों को मिलेगा फायदा

Tue, 10 Dec 2024 07:27 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Tue, 10 Dec 2024 07:27 PM IST
सार

ONOS: वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन योजना की शुरुआत 1 जनवरी से होने जा रही है। इस पहल के तहत 1 जनवरी से दुनिया भर की शीर्ष पत्रिकाओं में प्रकाशित शोध पत्रों तक पहुंच मिलेगी।
 

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One Nation, One Subscription to be launched on January 1; nearly 1.8 crore students to benefit
Books - फोटो : Freepik

विस्तार

One Nation, One Subscription: विश्वविद्यालयों और आईआईटी समेत राज्य द्वारा वित्तपोषित उच्च शिक्षा संस्थानों के करीब 1.8 करोड़ छात्रों को सरकार की 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' पहल के तहत 1 जनवरी से दुनिया भर की शीर्ष पत्रिकाओं में प्रकाशित शोध पत्रों तक पहुंच प्राप्त होगी।

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13,400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाएं होंगी उपलब्ध

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार ए.के. सूद ने कहा कि 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' (ONOS) पहल के पहले चरण के तहत शोधकर्ताओं को 13,400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ये पत्रिकाएं निम्न विषयों से संबंधित होंगी:

  • विज्ञान
  • प्रौद्योगिकी
  • इंजीनियरिंग
  • चिकित्सा
  • गणित
  • प्रबंधन
  • सामाजिक विज्ञान
  • मानविकी 


इस पहल के तहत, 451 राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय, 4,864 कॉलेज और राष्ट्रीय महत्व के 172 संस्थान उन 6,380 उच्च शिक्षा और शोध संस्थानों में शामिल होंगे, जिन्हें एल्सेवियर, स्प्रिंगर नेचर और विले सहित 30 प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित शीर्ष पत्रिकाओं तक पहुंच प्राप्त होगी।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कराडीकर ने कहा, "इससे पहले, आईआईटी या केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे संस्थान विशिष्ट विषयों से संबंधित पत्रिकाओं के एक छोटे समूह की सदस्यता लेते थे, लेकिन ओएनओएस के तहत, सभी संस्थानों को 13,400 शोध पत्रिकाओं तक पहुंच प्राप्त होगी।"

उन्होंने कहा कि ओएनओएस पहल 1 जनवरी को शुरू की जाएगी और अगले तीन वर्षों तक शीर्ष पत्रिकाओं तक पहुंच उपलब्ध रहेगी।

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दूसरा और तीसरा चरण

दूसरे चरण में, सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से निजी शैक्षणिक संस्थानों तक पहल का विस्तार करने की योजना बना रही है। तीसरे चरण में सार्वजनिक पुस्तकालयों में निर्दिष्ट पहुंच बिंदुओं के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं तक सार्वभौमिक पहुंच प्रदान की जाएगी।

ओएनओएस का समन्वय एक केंद्रीय एजेंसी - सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क (आईएनएफएलआईबीएनईटी) द्वारा किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का एक स्वायत्त अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र है।

सूद ने कहा, "इस पहल से टियर 2 और टियर 3 शहरों सहित सभी विषयों के छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के विशाल समुदाय तक विद्वानों की पत्रिकाओं तक पहुंच का विस्तार होगा, जिससे देश में कोर के साथ-साथ अंतःविषय अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा।"

इस पहल को तीन साल की अवधि के लिए 6,000 करोड़ रुपये की लागत से एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में शुरू किया गया है।

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