कोरोना इफेक्ट : अब इस सूबे में भी नहीं होंगी परीक्षाएं, सीधे अगली कक्षा में प्रमोट होंगे छात्र
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देश के कई राज्यों में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। इससे अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने या उनके परीक्षाओं में शामिल होने को लेकर चिंता जता रहे हैं। साथ ही कई राज्यों में स्कूल खुल तो गए हैं लेकिन बच्चों को स्कूल आने के लिए माता-पिता की मंजूरी मांगी जा रही है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते नए प्रसार के कारण ऐसे में अभिभावक बच्चों को स्कूल जाने की अनुमति देने से कतराने लगे हैं। इस बीच, कई राज्यों में स्कूली बच्चों की परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया गया है। इस क्रम में सबसे नया नाम है ओडिशा का। ओडिशा सरकार ने उच्च प्राथमिक स्तर की कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। राज्य सरकार ने बच्चों को सीधे अगली कक्षा में प्रमोट करने की बात कही है।
इससे पहले दिल्ली सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और तमिलनाडु में भी ऐसा किया जा चुका है। बता दें कि कई राज्यों में लगातार दूसरी बार ऐसा हो रहा है कि किसी महामारी के कारण स्कूली परीक्षाओं को रद्द किया गया हो। वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 के प्रकोप के कारण बीते वर्ष अधिकांश राज्यों में स्कूल, कॉलेज समेत तमात तरह की प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा था।
ओडिशा स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने बुधवार को शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए परीक्षा के बिना ही कक्षा एक से आठवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं को सीधे अगली कक्षा में पदोन्नत करने का निर्णय किया।
यह फैसला COVID-19 महामारी के दौरान स्कूल को बंद करने के मद्देनजर किया गया था। राज्य सरकार ने छात्रों को उपयुक्त प्रतिस्पर्धात्मक स्तर पर लाने के लिए नए शैक्षणिक सत्र में पहले दो से तीन महीनों के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित करने का भी निर्णय किया है।
गौरतलब है कि यह निर्णय स्कूल, जन शिक्षा विभाग के अधीन सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों पर भी लागू होगा। ओडिशा में 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए स्कूल आठ जनवरी से फिर से खुल गए थे। जबकि अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए कॉलेज और विश्वविद्यालय 11 जनवरी, 2021 को फिर से खोले गए थे।
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