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ममता की मांग का हुआ असर, अब 22 क्षेत्रीय भाषाओं में जेईई परीक्षा कराने की तैयारी में केंद्र 

Fri, 08 Nov 2019 05:15 PM IST
Mohit Mudgal एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Mohit Mudgal Updated Fri, 08 Nov 2019 05:15 PM IST
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NTA plans to conduct JEE Main exam in 22 regional languages: MHRD
ममता बनर्जी - फोटो : file photo

मानव संसाधन मंत्रालय, एनटीए से परामर्श करने के बाद अब नीट की तर्ज पर जेईई परीक्षा भी अलग-अलग भाषाओं में कराने की तैयारी कर रहा है। अब जेईई परीक्षा 22 क्षेत्रीय भाषाओं में कराई जाएंगी।

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मानव संसाधन मंत्रालय विकास मंत्रालय के सचिव आर. सुब्रमण्यम का कहना है कि नीट एक ऑफलाइन परीक्षा है और जईई मुख्य परीक्षा कंप्यूटर आधारित है। इसलिए इसमें अभी कुछ बाधाएं हैं, जिसे पहले सुलझाना जरूरी है। हम जेईई परीक्षा को सभी क्षेत्रीय भाषाओं में कराने के लिए पर प्रतिबद्ध है। उन्होंने ये भी साफ किया कि गुजराती भाषा को साल 2020 में होने वाली परीक्षा से नहीं हटाया जाएगा। 
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इस बीच एनटीए ने गरुवार को बयान जारी कर कहा कि प्रश्न पत्र के गुजराती भाषा में अनुवाद को लेकर लगातार छात्रों की ओर से मांग आती रही है। गुजरात के अलावा किसी भी राज्य ने प्रश्न पत्रोें के अनुवाद को लेकर कभी कोई मांग नहीं की है। 
 


एनटीए ने कहा कि जेईई परीक्षा साल 2013 में इस विचार के साथ शुरू हुई थी कि सभी राज्य इंजीनियरिंग के उम्मीदवारों को प्रवेश इस परीक्षा के आधार पर दें। इसके लिए साल 2013 में ही सभी राज्यों से अनुरोध किया गया था। जेईई परीक्षा के आधार पर प्रवेश देने के लिए केवल गुजरात तैयार हुआ था, और उन्होंने एक मांग रखी थी कि जईई प्रश्न पत्रों का अनुवाद गुजराती भाषा में किया जाए। 
 


एनटीए ने बताया कि बाद में साल 2014 में महाराष्ट्र ने भी जेईई परीक्षा के आधार पर इंजीनियरिंग के छात्रों को प्रवेश देना स्वीकार किया। महाराष्ट्र ने भी मराठी और उर्दू में परीक्षा कराने की मांग की थी। 

बता दें कि पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुजराती भाषा में जईई की परीक्षा कराने पर आपत्ति जताई। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मुझे गुजराती भाषा पसंद है, लेकिन अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को नजरअंदाज क्यों किया गया। यदि जेईई मेन की परीक्षा गुजराती में हो रही है तो फिर बांग्ला समेत अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी होनी चाहिए।

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एनटीए से पहले सीबीएई इस परीक्षा का आयोजन करता था। साल 2014 में परीक्षा मराठी, उर्दू और गुजराती भाषा में आयोजित कराई गई थी। जिसके बाद मराठी और उर्दू को साल 2016 में हटा दिया गया। 

एनटीए जेईई की परीक्षा का आयोजन साल में दो बार कराता है। प्रवेश परीक्षा इस बार 6 से 11 जनवरी और अप्रैल में 9 से 13 अप्रैल 2020 के बीच आयोजित की जाएंगी।

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