NMC CBME Guidelines: एनएमसी ने जारी की संशोधित सीबीएमई गाइडलाइंस, जानें अपराध की श्रेणी में आए कौन से कृत्य
NMC: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने गुरुवार को संशोधित योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा (CBME) पाठ्यक्रम दिशानिर्देश, 2024 प्रकाशित किए। इसमें "यौन अपराध" विषय के तहत सोडोमी और समलैंगिकता को "अप्राकृतिक यौन अपराध" की श्रेणी से हटा दिया गया है।
विस्तार
NMC CBME Guidelines: एनएमसी ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए सीबीएमई 2024 दिशानिर्देश 31 अगस्त को प्रकाशित किए थे, लेकिन कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों की तीव्र आलोचना का सामना करने के बाद, इन्हें 5 सितंबर को रद्द कर दिया गया और वापस ले लिया गया था। इसके बाद, अब एनएमसी ने संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं।
संशोधित एमबीबीएस पाठ्यक्रम में एनएमसी ने संकायों से यह पढ़ाने को कहा है कि कौमार्य परीक्षण, यानी वर्जिनिटी टेस्ट कैसे अवैज्ञानिक है। इसमें कहा गया है कि वर्जिनिटी के "लक्षणों" (तथाकथित 'कौमार्य परीक्षण', जिसमें महिला जननांग पर फिंगर टेस्ट भी शामिल है) का वर्णन और चर्चा करना अवैज्ञानिक, अमानवीय और भेदभावपूर्ण है।
संशोधित सीबीएमई दिशानिर्देश
"फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी" विषय के लिए संशोधित सीबीएमई दिशानिर्देशों में, एनएमसी ने अब संकायों से "यौन संबंध में सहमति का वर्णन और चर्चा करने" के लिए कहा है।
शीर्ष चिकित्सा शिक्षा नियामक ने अब चरण 3, भाग 1 में एमबीबीएस छात्रों को पढ़ाए जाने वाले फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विषयों में निम्नलिखित को "यौन अपराध" करार दिया है:
- जबरदस्ती या बिना सहमति के गुदा द्वार से संबंध बनाना
- जबरन या बिना सहमति के मौखिक यौन संबंध बनाना
- पशुओं के साथ यौन क्रियाएं, पशु-मैथुन, ज़ूफिलिया
- जबरन या बिना सहमति के उंगलियां या वस्तुएं अन्दर डालना
- बलपूर्वक या बिना सहमति के छूना, छूना या कपड़े उतारना ('अश्लील हमला')
इसके अलावा, संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रवेश बैच 2024-25 के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय एक्जिट परीक्षा (एनईएक्सटी) दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण एमबीबीएस डिग्री के 54वें महीने में होगा और दूसरा चरण इंटर्नशिप के अंत में होगा जो इंटर्नशिप का 12वां महीना है।
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