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AIIMS MBBS काउंसलिंग रद्द करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप

Sun, 21 Jul 2019 02:32 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Sun, 21 Jul 2019 02:32 PM IST
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NGO demands cancellation of AIIMS MBBS counselling process, alleges violation of SC order
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) की एमबीबीएस काउंसलिंग को रद्द करने की मांग उठी है। इसके लिए एक एनजीओ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन को पत्र लिखा है। इसमें एनजीओ ने काउंसलिंग प्रक्रिया में सीट आवंटन के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना किए जाने की शिकायत की है।

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जनहित अभियान नामक एनजीओ का आरोप है कि साल 2018 में जब से कॉमन काउंसलिंग प्रक्रिया को ऑफलाइन से हटाकर ऑनलाइन मोड पर किया गया है, तब से ही सीट आवंटन के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश की अवहेलना की जा रही है। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों द्वारा मेरिट के आधार पर सामान्य श्रेणी के तहत दाखिला लेने के बाद उनकी खाली सीटें आरक्षित श्रेणी के दूसरे उम्मीदवारों को नहीं दी जा रही हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, ऐसी खाली सीटों को मेरिट के आधार पर आरक्षित श्रेणी के अन्य उम्मीदवारों से भरा जाना चाहिए।
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एनजीओ के अनुसार, अभी जो काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है उसमें इस नियम को खत्म कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब ये है कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों द्वारा खाली की जाने वाली ऐसी सीटें आरक्षित श्रेणी के लाभार्थियों की जगह अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को मिल रही हैं। ये आरोप लगाते हुए एनजीओ ने कहा है कि इस तरह से एमबीबीएस काउंसलिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश की बड़े स्तर पर अवहेलना की जा रही है। बता दें कि इस शिकायत की कॉपी एम्स निदेशक को भी भेजी गई है।
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एनजीओ ने अपनी शिकायत में ये भी सवाल किया है कि कैसे कोई प्राधिकरण आरक्षण के उस नियम को बदल सकता है जिसकी अनुमति सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई है। साथ ही मांग रखी है कि शैक्षणिक सत्र 2019 के लिए हो रही एम्स एमबीबीएस काउंसलिंग प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए और कोर्ट के निर्देशानुसार काउंसलिंग कराई जाए। एनजीओ ने इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। 

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