फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   NEP 2020: Theatre, Music, and Dance Now Mandatory for Class 8 Students Under New Curriculum

NEP 2020: अब आठवीं से सभी छात्रों को पढ़ना होगा थियेटर, संगीत और डांस; एनईपी के तहत नया पाठ्यक्रम लागू

Thu, 10 Jul 2025 08:30 AM IST
शिवम गर्ग सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 10 Jul 2025 08:30 AM IST
सार

NCERT Art Education: शैक्षणिक सत्र 2025-26 से 8वीं के छात्रों को थियेटर, संगीत, नृत्य और विजुअल आर्ट्स की पढ़ाई करनी होगी। इसे चार भागों में थियेटर, म्यूजिक, डांस-मूवमेंट और विजुअल आर्ट को 19 अध्यायों में बांटा गया है। इसमें सभी राज्यों के प्राचीन गाने और नृत्य भी शामिल हैं।

विज्ञापन
NEP 2020: Theatre, Music, and Dance Now Mandatory for Class 8 Students Under New Curriculum
NEP 2025 Syllabus - फोटो : freepik

विस्तार

NEP 2020 Syllabus: पहली बार स्कूली शिक्षा के पाठयक्रम में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से आठवीं कक्षा के छात्र अनिवार्य विषय में आर्ट एजुकेशन की पढ़ाई भी करेंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ) 2023 के आधार पर आठवीं कक्षा की आर्ट एजुकेशन की पाठयपुस्तक 'कृति' तैयार कर ली है। इसे चार भागों थियेटर, म्यूजिक, डांस-मूवमेंट और विजुअल आर्ट को 19 अध्यायों में बांटा गया है। इसमें सभी राज्यों के प्राचीन गाने और नृत्य भी शामिल हैं।

विज्ञापन


एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की आर्ट एजुकेशन पाठयपुस्तक में 10वीं शताब्दी में कश्मीर के दार्शनिक व विद्धान अभिनव गुप्त द्वारा भरत मुनि के प्रसिद्ध ग्रंथ ' नाट्यशास्त्र ' पर ' अभिनवभारती' नामक टीका और नाटयशास्त्र के नवम रस यानी शांति रस का भी वर्णन है। इसके अलावा ताल,कोन्नाकोल सोलकट्टू और स्वर, हिंदोस्तानी संगीत, सरस्वती प्रणाम, पारंपरिक व आधुनिक वाद्ययंत्र, पांडूलिपि, नाटक-नृत्य, गाने के प्रकार (अकेले और ग्रुप प्रस्तुति) आदि के बारे में बताया गया है।
विज्ञापन


भक्ति, सूफी और प्रदेशों के गीत-संगीत

पुस्तक में छठीं शताब्दी में लोगों को धर्म, समाज और शिक्षा से जागरूक करने वाले भक्ति मूवमेंट से जोड़ने वाले भजनों को शामिल किया गया है। इसमें उत्तर भारत से मीराबाई, तुलसीदास के अलावा शास्त्रीय संगीतकार व सखी संप्रदाय के संस्थापक हरिदास पुरानादारा या स्वामी हरिदास के अलावा दक्षिण भारत के संतधारा संत कनकदास हैं। जबकि मध्यकालीन भारत के सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, बाबा फरीद शामिल हैं। इसमें पंजाब , पश्चिमी भारत के सूफी गाने व नृत्य शामिल हैं। इसी में भक्ति संगीत में ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैंजनियां .... तो सूफी संगीत में दमादम मस्त कलंदर....के अलावा देशभक्ति जयति-जयति माता..को शामिल किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

युवा कलाकारों को शिक्षक बनने का मौका

स्कूली पाठयक्रम में आर्ट एजुकेशन को अनिवार्य विषय बनाया गया है। इसका अर्थ है कि आठवीं कक्षा के सभी छात्रों को इसकी पढ़ाई करनी जरूरी होगा। यदि किसी स्कूल में आर्ट एजुकेशन के शिक्षक नहीं होंगे तो वहां राष्ट्रीय स्तर के युवा कलाकारों को पढ़ाने का मौका मिलेगा। एनईपी 2020 में भी मापदंड पूरा करने वाले ऐसे युवा कलाकारों को पढ़ाने का मौका देने की प्रमुख सिफारिशों में एक हैं। इसके लिए डिग्री होनी जरूरी नहीं है, बल्कि अपने क्षेत्र में योग्यता और काबिलियत के आधार पर उनका चयन किया जाएगा।

कला की कक्षा में 40 मिनट के 150 पीरियड

कला विषय की कक्षा कुल 100 घंटे की होगी। इसमें 40 मिनट के कुल 150 पीरियड होंगे। एक हफ्ते में चार पीरियड और शनिवार को फील्ड में प्रैक्टिस करनी होगी। इन 100 घंटों को कला की चारों विधाओं थियेटर, म्यूजिक, डांस -मूवमेंट व विजुअल आर्ट में बराबर बांटा गया है। उदाहरण के तौर पर- सोमवार को आर्ट एजुकेशन थियेटर, मंगलवार को म्यूजिक, बुधवार को डांस, बृहस्प्तिवार को विजुअल आर्ट और शनिवार को फील्ड में जाकर प्रैक्टिस होगी। इसका अर्थ है कि डांस, म्यूजिक या प्ले अकेडमी जाकर प्रैक्टिस करना आदि।

ग्रेड और स्केल के आधार पर मूल्यांकन

इसमें मूल्यांकन लिखित कागज, पैन-पेपर आधारित परीक्षा के बजाय प्रैक्टिकल आधार पर होगा। हर कक्षा और परफार्मेंस के आधार पर उसका मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन सालभर चलेगा। इसमें छात्र के एक्सप्रेंशन, विज़ुअलाइज़ेशन, इमेजीनेशन, क्रिएटिविटी की भी परख होगी। ग्रेड या स्कोर पांच भागों में होगा, जिसमें बिगनिंग यानी शुरुआत में ग्रेड ई व स्केल एक, डेवलपिंग में ग्रेड डी और स्केल दो, प्रोमिसिंग में ग्रेड सी व स्केल तीन, प्रोफिसेंट में ग्रेड बी व स्कूल चार और एक्सीलेंट में ग्रेड ए व स्केल पांच होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed