Paper Leak: कौन है पेपर लीक का मास्टरमाइंड, किन राज्यों से जुड़े हैं तार? जानिए अब तक क्या कार्रवाई हुई
Paper Leak: पेपर लीक के मामलों के तार छह राज्यों से जुड़ते दिख रहे हैं। मामले की जांच में सीबीआई की एंट्री भी हो चुकी है। ऐसे में आइए जानने की कोशिश करते हैं कि किस मामले में क्या कार्रवाई हो रही है।
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NEET Row: पेपर लीक का नेटवर्क 6 राज्यों में फैला हुआ नजर आ रहा है। नीट और यूपीपीएससी आरओ/एआरओ पेपर लीक मामले की जांच में कई अहम पहलु सामने आए हैं। नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई की एंट्री हो चुकी है। केंद्र ने मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी है। रविवार को सीबीआई ने इस मामले में पहली एफआईआर भी दर्ज कर ली है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित 6 राज्यों में पेपर लीक के तार जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में आइए जानने की कोशिश करते हैं कि किस मामले में क्या कार्रवाई हो रही है।
नीट पेपर लीक की गड़बड़ी कैसे आई सामने?
नीट पेपर लीक मामले में बिहार झारखंड में बिहार की आर्थिक अपराध शाखा (EOU) और राज्य पुलिस की अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं। अभी तक अलग-अलग जगहों से करीब 30 से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। परीक्षा 5 मई को आयोजित हुई थी। नीट पेपर में धांधली की जांच के दौरान बिहार पुलिस ने जांच की तो सॉल्वर गैंग के पास 13 परीक्षार्थियों के रोल कोड मिले थे और पहली बार पता चला कि बिहार में पेपर लीक हुआ था।
केंद्रीय एजेंसियों की सूचना पर पटना पुलिस ने शास्त्री नगर थाने में 6 मई को पेपर लीक को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज की। पेपर लीक की जांच का मामला 10 मई शुक्रवार को बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को सौंप दिया गया।
मामले के चार मुख्य आरोपी
- बिहार पुलिस ने नीट पेपर लीक में चार अभ्यर्थियों समेत 13 लोगों की गिरफ्तारी की थी, जिसमें मुख्य आरोपी अमित आनंद है, जिसने पेपर लीक करवाया।
- दूसरा आरोपी सिकंदर यादवेंदु है, जिसने पेपर बेचने के लिए डील की।
- इसके बाद पेपर खरीदने वाले छात्र हैं, जिन्होंने 40-40 लाख रुपये में पेपर खरीदे
- चौथा बड़ा आरोप प्रदीप कुमार पर है, जो तेजस्वी यादव का निजी सचिव है, जिस पर आरोपी छात्रों के लिए गेस्ट हाउस का कमरा बुक करवाने का आरोप है।
अमित आनंद NEET पेपरलीक मामले का सूत्रधार है, वह पहले भी पेपर लीक के मामलों में शामिल रह चुका है। अमित आनंद ने कबूल किया है कि उसने लाखों रुपये में सिकंदर यादवेंदु से पेपर की डील की। अमित आनंद ने बताया था कि मेरी दोस्ती सिकंदर यादुर्वेदु के साथ है।
झारखंड के हजारीबाग से 6 गिरफ्तार
बिहार के अलावा नीट यूजी पेपर लीक के दायरे में झारखंड का हजारीबाग भी है। बिहार में 13 लोगों के अलावा झारखंड पुलिस ने देवघर से 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। आशंका है कि हजारीबाग के ओएसिस स्कूल से पेपर लीक किया गया। हजारीबाग का ये स्कूल पेपर लीक के लिए कुख्यात है। इसी साल 15 मार्च को बीपीएससी परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ था और उसमें भी ओएसिस स्कूल का नाम आया था।
शक के दायरे में हजारीबाग का एक प्रोफेसर भी है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई की पूरी जांच अब इस प्रोफेसर के इर्द गिर्द सिमट गई है, क्योंकि पेपर लीक की जड में यही प्रोफेसर दिख रहा है। बिहार के माफिया संजीव मुखिया को भी पेपर हजारी बाग से ही मिला। EOU सूत्रों के मुताबिक हजारीबाग के ओएसिस स्कूल से पेपर लीक हुआ था।
गुजरात का गोधरा कनेक्शन
गुजरात के गोधरा में जय जलाराम स्कूल के सुप्रीटेंडेंट-डिप्टी सुप्रीटेंडेंट पर छात्रों को नीट परीक्षा में चीटिंग कराने के लिए 10-10 लाख रुपये लेने का आरोप है। गोधरा पुलिस ने नीट यूजी के लिए एक परीक्षा केंद्र पर कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में एक कोचिंग सेंटर के प्रमुख सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
महाराष्ट्र में शिक्षकों से पूछताछ
महाराष्ट्र के लातूर में भी 22 जून की रात नांदेड की ATS टीम ने दो शिक्षकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। संजय तुकाराम जाधव और जलील उमरखाँ पठान नाम के दो शिक्षकों को ATS की टीम ने पूछताछ करते हुए रविवार को नोटिस देकर छोड़ दिया था। महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में एसआईटी गठित करने का फैसला किया है।
सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर
ईओयू की टीम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पेपर लीक मामले से जुड़ी 21 जून तक सबूतों और फैक्ट के साथ-साथ आरोपियों के इकबालिया बयानों की एक रिपोर्ट सौंपी। शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। कार्रवाई में एनटीए के महानिदेशक सुबोध कुमार को भी हटाया गया। रविवार को सीबीआई ने मामले में पहली एफआईआर दर्ज की थी।
सात सदस्यीय पैनल गठित
शनिवार को शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रक्रिया के तंत्र में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और एनटीए के कामकाज को देखने के लिए एक सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। इस समिति के नेतृत्व की जिम्मेदारी इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ के राधाकृष्णन कौ सौंपी गई। समिति अगले दो महीनों में मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
यूपीपीएससी आरओ/एआरओ भर्ती मामले में कितनी कार्यवाही हुई?
यूपीपीएससी की समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी आरओ-एआरओ पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस गिरहो के सरगना राजीव नयन मिश्र समेत 18 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कई आरोपी अभी तक फरार चल रहे हैं। मामले के तार बिहार, मध्यप्रदेश व हरियाणा से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
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