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NEET PG Counselling: नीट पीजी काउंसलिंग में देरी को लेकर गुजरात में भी हो रहा प्रदर्शन, हड़ताल पर रहे डेढ़ हजार से ज्यादा रेजिडेंट डॉक्टर

Mon, 29 Nov 2021 05:46 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 29 Nov 2021 05:46 PM IST
सार

NEET PG Counselling: नीट पीजी काउंसलिंग में देरी का असर गुजरात में भी देखने को मिला। रेजिडेंट डॉक्टरों के देशव्यापी प्रदर्शन और ओपीडी सेवाओं के कार्य बहिष्कार के आह्वान के चलते राज्य के डाॅक्टर भी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे।

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NEET PG 2021 Counselling 1500 Gujarat Resident Doctors on day-long Strike, medical teachers stage protest
NEET PG Counselling 2021 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नीट पीजी काउंसलिंग 2021 (NEET PG Counselling) में हो रही देरी के कारण चल रही देशव्यापी हड़ताल का असर गुजरात में भी देखने को मिला। गुजरात के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के लगभग 1,500 रेजिडेंट डॉक्टरों ने नीट-पीजी काउंसलिंग स्थगित करने के विरोध में सोमवार को एक दिवसीय हड़ताल पर चले गए। हड़ताली डॉक्टरों का कहना था कि प्रवेश में देरी के कारण डॉक्टरों की भारी कमी है जिससे जूनियर डॉक्टरों पर काम का बोझ बढ़ गया है। कोरोना महामारी और ओमिक्रॉन वायरस के बदलते स्ट्रेन को देखकर काम का दवाब और अधिक बढ़ने वाला है। 

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इसके साथ ही, विभिन्न सरकारी और गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसाइटी (जीएमईआरएस) द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेजों के सैकड़ों प्रोफेसरों और व्याख्याताओं ने भी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार बकाया भुगतान सहित अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर भी राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, हड़ताल से मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी, क्योंकि रेजिडेंट डॉक्टर आपातकालीन ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहेंगे। नीट पीजी काउंसलिंग में देरी पर एक मेडिकल छात्र ने सुझाव दिया कि सरकार नए पीजी बैच के आने तक, सरकारी अस्पतालों में बाहर के डॉक्टरों को नियुक्त करने के बारे में सोचती है, जो मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध हैं। 

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रेजिडेंट डॉक्टरों पर बढ़ रहा अतिरिक्त काम का बोझ

वहीं, अहमदाबाद में बीजे मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) ने एक बयान में दावा किया कि देश के सभी मेडिकल कॉलेज नीट-पीजी काउंसलिंग के "लगातार स्थगन" के कारण कर्मचारियों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। जेडीए अध्यक्ष डॉ विश्वजीत राज ने कहा कि पीजी छात्रों का एक नया बैच नहीं आने मात्र के कारण सिर्फ 66 फीसदी रेजिडेंट डॉक्टर मरीजों को देखने के लिए उपलब्ध हैं। यह रेजिडेंट डॉक्टरों पर एक अतिरिक्त दबाव डाल रहा है, जो पहले से ही लंबे समय से COVID-19 के अतिरिक्त कार्य दवाब से जूझ रहे हैं।  

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प्र- क्यों रोकी गई है नीट पीजी काउंसलिंग?

उ- केंद्र सरकार ने हाल ही में ईडब्ल्यूएस आरक्षण की आय सीमा मामले में सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई के कारण NEET PG 2021 की काउंसलिंग पर चार सप्ताह यानी अगले साल जनवरी तक के लिए रोक लगा दी थी।


प्र- क्या है नीट पीजी परीक्षा?

उ- नीट पीजी परीक्षा स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा मास्टर ऑफ सर्जरी और डॉक्टर ऑफ मेडिसिन जैसे क्षेत्रों के लिए आयोजित की जाती है। काउंसलिंग प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा है। 


प्र- देरी से क्या फर्क पड़ेगा?

उ- आम तौर पर मई में स्नातकोत्तरों को प्रवेश दिया जाता है। अब, काउंसलिंग स्थगित होने के कारण, पीजी छात्रों का नया बैच अगले साल मार्च में आएगा। इस प्रकार, पिछले एक साल से तीन बैचों के बजाय, केवल दो बैच के रेजिडेंट डॉक्टर सभी सेवाओं में काम कर रहे हैं। 

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