नीट पेपर लीक: एनटीए ऑफिस की सुरक्षा में तैनात होंगे 39 सीआईएसएफ जवान; 'कॉन्फिडेंशियल' इलाकों पर रहेगी कड़ी नजर
नीट पेपर लीक मामले के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। अब एनटीए ऑफिस की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को दी जाएगी। इसके साथ ही ऑफिस के कॉन्फिडेंशियल और संवेदनशील इलाकों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
विस्तार
नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा व्यवस्था और एनटीए की सुरक्षा को लेकर कई बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपना कामकाज नए कार्यालय में शिफ्ट कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, अब नए ऑफिस के ‘कॉन्फिडेंशियल एरिया’ यानी गोपनीय हिस्सों की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF को दी जाएगी।
यह फैसला इस साल NEET-UG का प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के बाद लिया गया है। पेपर लीक के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। मामले को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
सीबीआई चार्जशीट में सुरक्षा खामियों का जिक्र
प्रधान के इस्तीफे के अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की थी। इसका मकसद परीक्षा प्रणाली को पेपर लीक जैसी घटनाओं से सुरक्षित बनाना था। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि कर रहे हैं। हालांकि, पैनल ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है।
CBI की चार्जशीट में तीन विषय विशेषज्ञों को पेपर लीक का मुख्य स्रोत बताया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, NTA के कॉन्फिडेंशियल सेक्शन में विशेषज्ञों की एंट्री और बाहर निकलने के समय उनकी जांच या तलाशी नहीं होती थी। आरोप है कि इसी वजह से विशेषज्ञों को प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी छोटी-छोटी पर्चियों पर नोट करने का मौका मिल जाता था। उन्हें रफ काम और अनुवाद के लिए सादी शीट दी जाती थी।
शिक्षा मंत्रालय ने 2017 में निष्पक्ष, पारदर्शी और एक जैसी परीक्षा व्यवस्था के लिए NTA की स्थापना की थी। एजेंसी अब तक दिल्ली के ओखला स्थित अपने कार्यालय से काम कर रही थी।
सीसीटीवी निगरानी के साथ तैनात होगी सीआईएसएफ
एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI को बताया, "मिंटो रोड स्थित भारत सरकार के प्रेस भवन में 55,000 वर्ग फुट से अधिक का समर्पित कार्यालय स्थान आवंटित किया गया है। इस भवन की पांचवीं मंजिल और चौथी व छठी मंजिल के कुछ हिस्से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को आवंटित किए गए हैं। पिछले एक महीने में गोपनीय और संवेदनशील कामकाज को नए आवंटित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है।"
CBI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तीन आरोपी विशेषज्ञों की गतिविधियों पर किसी का ध्यान नहीं गया क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में NTA कार्यालय में CCTV लाइव फीड की निगरानी के लिए कोई समर्पित कंट्रोल रूम नहीं था।
नए परिसर में निगरानी की योजना के बारे में अधिकारी ने कहा, "भवन में गोपनीय क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है, जहां आवाजाही और कामकाज पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि एक फुलप्रूफ सिस्टम सुनिश्चित किया जा सके। गृह मंत्रालय ने परिसर के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की सुरक्षा को मंजूरी दे दी है।"
39 CISF जवान संभालेंगे NTA परिसर की सुरक्षा
- अधिकारी के मुताबिक, नए NTA परिसर में सुरक्षा के लिए 39 CISF जवान तैनात किए गए हैं। इनकी जिम्मेदारी सुरक्षा व्यवस्था, एंट्री-कंट्रोल और लोगों की स्क्रीनिंग की होगी।
- जांच के दौरान X-रे बैगेज स्कैनर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा।
- गोपनीय क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर CISF जवान तैनात रहेंगे।
- 2024 में पेपर लीक की घटना के बाद पूर्व ISRO चेयरमैन के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई थी।
- इस कमेटी ने परीक्षा से जुड़े जरूरी सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई सुझाव दिए थे। इनमें प्रश्नपत्र, उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन, फीस भुगतान, एडमिट कार्ड, कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट, OMR प्रोसेसिंग, नॉर्मलाइजेशन और रिजल्ट सिस्टम शामिल थे।
- हालांकि, 2026 में पेपर लीक की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि एजेंसी ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं सीखा।
बायोमेट्रिक से लेकर लाइव मॉनिटरिंग तक पर फोकस
परीक्षा से जुड़े सभी जरूरी कामों के लिए सख्त एक्सेस कंट्रोल, एन्क्रिप्शन स्टैंडर्ड, इम्यूटेबल लॉगिंग और टैम्पर-एविडेंट स्टोरेज की व्यवस्था मिशन मोड में की जा रही है।
"अधिकारी ने बताया, 'हर परीक्षा चक्र से पहले NTA के टेक्नोलॉजी विभाग के साथ मिलकर परीक्षा में मदद करने वाले सभी सिस्टम की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करना और परीक्षा के दिन के कामकाज की तकनीकी सुरक्षा के लिए NTA के टेस्ट-सिक्योरिटी विभाग के साथ तालमेल बिठाना - जिसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस-मैचिंग, CCTV सिस्टम और लाइव मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं - उन कामों में से हैं जिन पर काम किया जा रहा है।'
एजेंसी परीक्षा के दिनों में साइबर-घटनाओं से निपटने की तैयारी बनाए रखने पर भी काम कर रही है, जिसमें बेहतर SOC मॉनिटरिंग और तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता शामिल है।
"अधिकारी ने आगे कहा, 'सूचना सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए, NTA ने एक खास चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) नियुक्त किया है। जनरल मैनेजर और CISO के पद के लिए विज्ञापन दिया गया है और चयन प्रक्रिया एडवांस स्टेज में है। CERT-In और C-DAC द्वारा अधिकृत एजेंसियों से स्वतंत्र थर्ड-पार्टी साइबर-सिक्योरिटी ऑडिट भी लगातार किए जा रहे हैं।"
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