NCRB Report: किस उम्र में सबसे अधिक रहता है आत्महत्या का खतरा...? ताजा रिपोर्ट में हुआ खुलासा, यहां पढ़िए
NCRB Report 2023: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने हाल ही में एक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें देशभर में अकस्मात मृत्यु और आत्महत्या के आंकड़े साझा किए गए हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि किस आयु वर्ग के लोगों में आत्महत्या करने का खतरा सबसे अधिक रहता है।
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NCRB Report On Suicides: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट ‘Accidental Deaths and Suicides in India 2023’ के मुताबिक, पिछले वर्ष देश में 1.71 लाख से अधिक लोगों ने अपनी जान दी। पिछले पांच वर्षों के मुकाबले यह संख्या सबसे अधिक है। आंकड़ो के साथ ही रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आत्महत्या करने की प्रवृत्ति किस आयु वर्ग में अधिक होती है।
किस आयु के लोग करते हैं सबसे अधिक आत्महत्या?
रिपोर्ट में सबसे अधिक संवेदनशील आयु वर्ग 18 से 30 वर्ष और 30 से 45 वर्ष के लोग रहे। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, आत्महत्या करने वालों में सबसे बड़ा हिस्सा 30 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का है। इस समूह में 43,059 पुरुष, 12,665 महिलाएं और 7 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने अपनी जान दी। यानी कुल मिलाकर यह आयु वर्ग सबसे अधिक संवेदनशील साबित हुआ।
दूसरे नंबर पर 18 से 30 वर्ष के युवा आते हैं। इस श्रेणी में 38,012 पुरुष, 18,128 महिलाएं और 30 ट्रांसजेंडर ने आत्महत्या की। आंकड़े बताते हैं कि किशोरावस्था और युवावस्था के लोग मानसिक दबाव और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के कारण बड़ी संख्या में आत्महत्या कर रहे हैं।
45 से 60 वर्ष की आयु के बीच आत्महत्या करने वालों की संख्या भी कम नहीं है। इस श्रेणी में 26,591 पुरुष, 6,352 महिलाएं और 2 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। वहीं, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 12,107 पुरुष और 3,680 महिलाएं आत्महत्या करने वालों में दर्ज हुईं।
सबसे कम संख्या 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की रही, लेकिन यह भी कम चिंता का विषय नहीं है। इस आयु वर्ग में 4,961 लड़कों, 5,823 लड़कियों और 1 ट्रांसजेंडर ने अपनी जान दी।
कुल मिलाकर देखा जाए तो 30 से 45 वर्ष की आयु के लोग आत्महत्या के मामलों में सबसे आगे हैं, जबकि युवाओं (18-30 वर्ष) की संख्या भी बेहद चिंताजनक है।
| आयु वर्ग | पुरुष (Male) | महिला (Female) | ट्रांसजेंडर (Transgender) | कुल संख्या |
|---|---|---|---|---|
| 18 वर्ष से कम | 4,961 | 5,823 | 1 | 10,785 |
| 18 से 30 वर्ष | 38,012 | 18,128 | 30 | 56,170 |
| 30 से 45 वर्ष | 43,059 | 12,665 | 7 | 55,731 |
| 45 से 60 वर्ष | 26,591 | 6,352 | 2 | 32,945 |
| 60 वर्ष से अधिक | 12,107 | 3,680 | 0 | 15,787 |
महाराष्ट्र से आए सबसे अधिक मामले
इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में देश में सबसे अधिक आत्महत्याएं महाराष्ट्र में दर्ज की गईं, जहां 22,687 मामले सामने आए। इसके बाद तमिलनाडु (19,483), मध्य प्रदेश (15,662), कर्नाटक (13,330) और पश्चिम बंगाल (12,819) आत्महत्या मामलों में शीर्ष पर रहे।
इन पांच राज्यों ने मिलकर पूरे देश में दर्ज आत्महत्याओं का लगभग 49% हिस्सा दर्ज किया। केवल महाराष्ट्र ने ही कुल मामलों का 13.2%, तमिलनाडु ने 11.4%, मध्य प्रदेश ने 9.1%, कर्नाटक ने 7.8% और पश्चिम बंगाल ने 7.5% हिस्सा दर्ज किया।
| राज्य | आत्महत्या की संख्या | प्रतिशत हिस्सा (%) |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र | 22,687 | 13.2% |
| तमिलनाडु | 19,483 | 11.4% |
| मध्य प्रदेश | 15,662 | 9.1% |
| कर्नाटक | 13,330 | 7.8% |
| पश्चिम बंगाल | 12,819 | 7.5% |
बाकी 51% आत्महत्याएं अन्य 23 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों में रिपोर्ट हुईं। उत्तर प्रदेश, जो देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है, वहाँ का योगदान आत्महत्या के कुल मामलों में अपेक्षाकृत कम रहा और यह केवल 5.3% पर सिमटा।
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