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NCERT: नई पाठ्यपुस्तकों की विषय-वस्तु पर प्राप्त फीडबैक की होगी जांच, एनसीईआरटी ने किया विशेषज्ञ पैनल का गठन
Thu, 07 Aug 2025 05:28 PM IST
आकाश कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: आकाश कुमार
Updated Thu, 07 Aug 2025 05:28 PM IST
सार
NCERT: एनसीईआरटी ने नई पाठ्यपुस्तकों से जुड़े फीडबैक की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ पैनल का गठन किया है। यह पैनल पाठ्यपुस्तकों की विषय-वस्तु पर प्राप्त फीडबैक की जांच करेगा और अपनी रिपोर्ट जमा करेगा।
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NCERT
- फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार
NCERT: एनसीईआरटी ने अपनी पाठ्यपुस्तकों के बारे में प्राप्त प्रतिक्रियाओं की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति पाठ्यपुस्तकों की विषय-वस्तु पर प्राप्त फीडबैक की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट जमा करेगी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पैनल विशेष रूप से किस पाठ्यपुस्तक की जांच करेगा।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनसीईआरटी को उसके हितधारकों से समय-समय पर किताबों के शैक्षणिक कंटेंट को लेकर फीडबैक मिलता रहता है। इसलिए तय प्रक्रिया के अनुसार एक समिति गठित की जा रही है। यह समिति सभी सुझावों का अध्ययन करेगी और साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट देगी।
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फीडबैक मिलता है तो समिति गठित होती है: एनसीईआरटी
एनसीईआरटी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब भी किसी किताब की सामग्री या शिक्षण पद्धति को लेकर महत्वपूर्ण फीडबैक प्राप्त होता है, तो उसकी समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करना एक स्थापित प्रक्रिया है।
यह समिति देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े विषय विशेषज्ञों और एनसीईआरटी के पाठ्यचर्या विभाग के प्रमुख की अध्यक्षता में काम करती है। समिति गहन चर्चा के बाद साक्ष्य-आधारित निर्णय लेती है और जरूरी बदलावों की सिफारिश करती है।
हाल ही में कक्षा 8 की नई इतिहास की किताब "Exploring Society: India and Beyond" चर्चा में रही। इस किताब में मुगल शासकों के शासन को लेकर कुछ नए दृष्टिकोण सामने आए हैं। इसमें बाबर को “निर्दयी विजेता”, अकबर के शासन को “क्रूरता और सहिष्णुता का मिश्रण” और औरंगजेब को “सैन्य शासक” बताया गया है जिसने गैर-मुस्लिमों पर फिर से कर लगाया।
यह किताब एनसीईआरटी के नए पाठ्यक्रम के तहत पहली ऐसी पुस्तक है जिसमें छात्रों को दिल्ली सल्तनत, मुगलों, मराठों और औपनिवेशिक युग की जानकारी दी गई है। पहले ये विषय कक्षा 7 में पढ़ाए जाते थे, लेकिन NCFSE 2023 के अनुसार अब इसे पूरी तरह कक्षा 8 में शिफ्ट कर दिया गया है।
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