फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   NCERT Class 9 Book Describes Judiciary as Independent Institution Protecting Citizens' Rights and Constitution

NCERT: 9वीं की नई किताब में न्यायपालिका को बताया संविधान का रक्षक, कहा गया निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्थान

Fri, 26 Jun 2026 05:40 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Fri, 26 Jun 2026 05:40 PM IST
सार

NCERT: एनसीईआरटी की नई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका को निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था बताते हुए नागरिकों के अधिकारों और संविधान की रक्षा करने वाली संस्था बताया गया है। यह किताब कक्षा 8 की विवादित पुस्तक से पहले तैयार की गई थी।
 

विज्ञापन
NCERT Class 9 Book Describes Judiciary as Independent Institution Protecting Citizens' Rights and Constitution
NCERT 9th Textbook - फोटो : AI Generated

विस्तार

NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका को एक निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था बताया गया है, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है और संविधान की भावना को बनाए रखती है।

विज्ञापन


हालांकि, यह नई पाठ्यपुस्तक उस विवाद से पहले तैयार की गई थी, जो कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़े एक अध्याय को लेकर सामने आया था।

विज्ञापन

न्यायपालिका की भूमिका को विस्तार से समझाया

नई किताब में लोकतंत्र से जुड़े अध्याय में न्यायपालिका की विभिन्न जिम्मेदारियों का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि न्यायपालिका कार्यपालिका के फैसलों और संवैधानिक संशोधनों की समीक्षा करती है। यदि कोई कानून संविधान के अनुरूप नहीं होता, तो उसे निरस्त भी कर सकती है।

पुस्तक में यह भी बताया गया है कि न्यायपालिका संविधान की रक्षा करती है और समाज के सभी वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।

याचिका का भी किया गया उल्लेख

'शक्तियों का पृथक्करण' (Separation of Powers) शीर्षक वाले भाग में जनहित याचिका का भी जिक्र किया गया है। किताब के अनुसार, न्यायपालिका समय-समय पर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर सभी नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करती है।

विज्ञापन

पहले कक्षा 8 की किताब पर हुआ था विवाद

गौरतलब है कि फरवरी में एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक के एक अध्याय में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' से जुड़ी सामग्री शामिल होने पर विवाद खड़ा हो गया था।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद किताब की छपी हुई और डिजिटल दोनों प्रतियां वापस ले ली गई थीं। बाद में एनसीईआरटी ने इस पर माफी भी मांगी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने उस विवादित पुस्तक के दोबारा प्रकाशन, पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि पुस्तक में न्यायपालिका के संबंध में आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित की गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed