NCERT: 9वीं की नई किताब में न्यायपालिका को बताया संविधान का रक्षक, कहा गया निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्थान
NCERT: एनसीईआरटी की नई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका को निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था बताते हुए नागरिकों के अधिकारों और संविधान की रक्षा करने वाली संस्था बताया गया है। यह किताब कक्षा 8 की विवादित पुस्तक से पहले तैयार की गई थी।
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NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका को एक निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था बताया गया है, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है और संविधान की भावना को बनाए रखती है।
हालांकि, यह नई पाठ्यपुस्तक उस विवाद से पहले तैयार की गई थी, जो कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़े एक अध्याय को लेकर सामने आया था।
न्यायपालिका की भूमिका को विस्तार से समझाया
नई किताब में लोकतंत्र से जुड़े अध्याय में न्यायपालिका की विभिन्न जिम्मेदारियों का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि न्यायपालिका कार्यपालिका के फैसलों और संवैधानिक संशोधनों की समीक्षा करती है। यदि कोई कानून संविधान के अनुरूप नहीं होता, तो उसे निरस्त भी कर सकती है।
पुस्तक में यह भी बताया गया है कि न्यायपालिका संविधान की रक्षा करती है और समाज के सभी वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।
याचिका का भी किया गया उल्लेख
'शक्तियों का पृथक्करण' (Separation of Powers) शीर्षक वाले भाग में जनहित याचिका का भी जिक्र किया गया है। किताब के अनुसार, न्यायपालिका समय-समय पर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर सभी नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करती है।
पहले कक्षा 8 की किताब पर हुआ था विवाद
गौरतलब है कि फरवरी में एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक के एक अध्याय में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' से जुड़ी सामग्री शामिल होने पर विवाद खड़ा हो गया था।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद किताब की छपी हुई और डिजिटल दोनों प्रतियां वापस ले ली गई थीं। बाद में एनसीईआरटी ने इस पर माफी भी मांगी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी रोक
सुप्रीम कोर्ट ने उस विवादित पुस्तक के दोबारा प्रकाशन, पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि पुस्तक में न्यायपालिका के संबंध में आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित की गई थी।
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