NEET PG: नीट पीजी का रिजल्ट तैयार करने के लिए एम्स दिल्ली का तरीका अपनाएगा एनबीईएमएस; जानें कैसे मिलेंगे अंक
NEET PG 2024: एनबीईएमएस ने कहा है कि वह नीट पीजी का रिजल्ट तैयार करने के लिए वह प्रक्रिया अपनाएगा, जिसका इस्तेमाल एम्स दिल्ली अपनी विभिन्न परीक्षाओं के लिए कर रहा है। एनबीईएमएस ने इसको लेकर स्पष्टता भी दी है।
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NEET PG 2024: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस (NBEMS) द्वारा नीट पीजी परीक्षा का आयोजन कल, यानी 11 अगस्त को दो पालियों में किया जाएगा। एनबीईएमएस नीट पीजी का रिजल्ट तैयार करने के लिए वह प्रक्रिया अपनाएगा, जिसका इस्तेमाल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली अपनी विभिन्न परीक्षाओं के लिए कर रहा है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नीट पीजी परीक्षा को स्थगित करने की याचिका खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से कल पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने शीर्ष अदालत को बताया कि परीक्षा केंद्रों की संख्या 1,200 से घटाकर 500 कर दी गई है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि दो पालियों वाली प्रणाली अंकों के सामान्यीकरण के लिए "समस्याग्रस्त" होगी।
नवीनतम अधिसूचना में कहा गया है, "एनबीईएमएस ने उस प्रक्रिया को अपनाया है जिसका उपयोग वर्तमान में एम्स-नई दिल्ली द्वारा एनईईटी-पीजी 2024 के परिणाम तैयार करने के लिए आईएनआई-सीईटी सहित एक से अधिक शिफ्ट में आयोजित की जाने वाली विभिन्न परीक्षाओं के लिए किया जा रहा है।"
हालांकि, एनबीईएमएस ने अपने स्पष्ट किया है कि इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपोर्टेंस कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट (आईएनआई सीईटी) के लिए एम्स सामान्यीकरण पद्धति का उपयोग करके नीट पीजी परिणाम कैसे तैयार किया जाएगा।
NEET PG पर्सेंटाइल की गणना कैसे की जाएगी?
एम्स प्रवेश परीक्षा के कई शिफ्टों के नियम के अनुसार, "आवेदकों को अनियमित रुप से अलग-अलग ग्रुप्स में इस प्रकार बांटा जाएगा कि ये ग्रुप्स संख्या में लगभग बराबर हों। इससे यह सुनिश्चित होगा कि परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के वितरण में कोई पक्षपात न हो। इसके अलावा, पूरे देश में बड़ी संख्या में फैले परीक्षार्थियों के साथ पक्षपात की ऐसी संभावना दूर हो जाती है।"
नियम के अनुसार, प्रत्येक पाली के लिए नीट पीजी परीक्षा परिणाम प्रत्येक विषय के लिए अलग-अलग रॉ स्कोर्स, पर्सेंटेज और पर्सेंटाइल्स (7 दशमलव स्थानों तक) के रूप में तैयार किए जाएंगे। कुल का प्रतिशत व्यक्तिगत विषयों के प्रतिशत का योग या औसत नहीं होगा।
यानी, पर्सेटाइल स्कोर परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों का सापेक्ष प्रदर्शन है। उनके द्वारा प्राप्त अंकों को परीक्षार्थियों के प्रत्येक समूह (शिफ्ट) के लिए 100 से 0 तक के पैमाने में बदल दिया जाता है। इसलिए, नीट पर्सेंटाइल स्कोर उन उम्मीदवारों के प्रतिशत को इंगित करेगा जिन्होंने परीक्षा में विशेष पर्सेंटाइल के बराबर या उससे कम अंक प्राप्त किए हैं। इस प्रकार प्रत्येक शिफ्ट में टॉप करने वाले को 100 पर्सेटाइल मिलेगा।
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