फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   National Scholarship Portal Mobile App launches by Union Government know about more details

खुशखबर: केंद्र सरकार ने लांच किया राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल एप, बैंक खातों में सीधे जमा होगी राशि

Mon, 17 Sep 2018 12:59 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 17 Sep 2018 12:59 PM IST
विज्ञापन
National Scholarship Portal Mobile App launches by Union Government know about more details
scholarship - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने 13 सितंबर, 2018 को देश की पहली "राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल मोबाइल एप" (एनएसपी मोबाइल एप) लांच की है। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल मोबाइल ऐप गरीब और कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए परेशानी रहित छात्रवृत्ति प्रणाली सुनिश्चित करेगा।
विज्ञापन


सभी छात्रवृत्तियां राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) मोड के तहत जरूरतमंद छात्रों के बैंक खातों में सीधे दी जा रही हैं। यह छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा और छात्रवृत्ति के लिए पारदर्शी तंत्र को मजबूत करने में मदद करेगा।
विज्ञापन

इस एप की खासियत

  • छात्रों को इस मोबाइल एप पर विभिन्न छात्रवृत्ति के बारे में सारी जानकारी मिल जाएगी।
  • वे अपने घर में बैठे छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने में सक्षम होंगे।
  • छात्र इस मोबाइल एप पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।
  • छात्र अपने आवेदन, छात्रवृत्ति वितरण आदि की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
  • दूर-दराज, पहाड़ी क्षेत्रों, उत्तर पूर्व के छात्र सबसे अधिक लाभान्वित होंगे।

मोदी सरकार की नीति

लांच के दौरान मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने उल्लेख किया कि पिछले 4 वर्षों के दौरान मोदी सरकार के "Empowerment without Appeasement" नीति ने सुनिश्चित किया है कि अल्पसंख्यक गरीब और कमजोर वर्गों के छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्ति कार्यक्रमों से लाभान्वित किया जाएं।

लाभार्थियों में लगभग 1 करोड़ 63 लाख लड़कियां शामिल हैं। मुस्लिम लड़कियों के बीच स्कूल छोड़ने की दर, जो पहले 70 प्रतिशत से अधिक थी, अब जागरूकता और शैक्षणिक सशक्तिकरण कार्यक्रमों के कारण 35-40 प्रतिशत हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed