UPSC Extra Attempt: कार्मिक राज्य मंत्री बोले- सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रयासों की संख्या प्रावधान बदलना संभव नहीं
MoS Jitendra Singh Says on UPSC Extra Attempt: राज्यसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड महामारी के कारण उम्मीदवारों को आयु में छूट देने और सिविल सेवा परीक्षा के लिए अतिरिक्त प्रयास का मौका देने के लिए उम्मीदवारों की ओर से लगातार मांग उठ रही है।
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सिविल सेवा परीक्षा में अतिरिक्त मौका देने की लगातार उठ रही मांग के बीच, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रयासों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रावधान बदले जाना संभव नहीं है। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्य सभा में बताया कि सरकार के लिए सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) के संबंध में प्रयासों की संख्या और आयु-सीमा के मौजूदा प्रावधानों को बदलना आसानी से संभव नहीं है।
अतिरिक्त प्रयास का मौका देने के लिए लगातार उठ रही मांग
राज्य सभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड महामारी के कारण उम्मीदवारों को आयु में छूट देने और सिविल सेवा परीक्षा के लिए अतिरिक्त प्रयास का मौका देने के लिए उम्मीदवारों की ओर से लगातार मांग उठ रही है। ऐसे अनुरोधों के संबंध में उम्मीदवारों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रिट याचिकाएं भी लगाई गई हैं। हालांकि, इन पर फैसला लेना मंत्रालय के लिए बेहद पेचीदा मसला है।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों पर किया गया विचार
केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों के आधार पर, मामले पर विचार किया गया है। हालांकि,मंत्रालय ने सिविल सेवा परीक्षा के संबंध में प्रयासों की संख्या और आयु-सीमा के संबंध में मौजूदा प्रावधानों को बदलना संभव नहीं पाया। राज्य सभा में दिए गए लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि इसलिए, ऐसी स्थिति से बचने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) सभी कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल को अपनाकर परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था कर रहे हैं।
सिविल सेवा अभ्यर्थियों पर नरम रुख अपनाए सरकार
कोविड की पहली और दूसरी लहर के दौरान जब सब थम गया था, तो इन मुश्किलों से सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी की अध्यक्षता में बनी संसदीय समिति ने सिविल सेवा के अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त मौका देने और उसी हिसाब से उम्र सीमा में छूट पर सरकार से सौहार्दपूर्वक विचार करने को कहा है। समिति ने सरकार को एक विशेषज्ञों की समिति बनाने की सलाह दी, जो पिछले 10 सालों में परीक्षा प्रणाली, पैटर्न और पाठ्यक्रम में हुए बदलाव के आधार नियुक्ति और प्रशासनिक क्षमता का आकलन करे।
राज्यों के इनकार से लंबित है बैंक धोखाधड़ी की सीबीआई जांच
भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई जांच को लेकर राज्यों की तकरार से कई मामले अटके पड़े हैं। सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को बताया कि गैर भाजपा शासित पांच राज्यों की मंजूरी के अभाव में 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बैंक धोखाधड़ी की सीबीआई जांच लंबित है। केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने एक लिखित जवाब में कहा कि 21,074.43 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी के 128 में से सबसे ज्यादा 101 मामले महाराष्ट्र के लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में 2019 से 28 फरवरी 2022 तक 20312.53 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जांच अटकी पड़ी है। मंत्री ने कहा कि वहीं पंजाब में 298.94 करोड़ रुपये के एक दर्जन ऐसे मामले लंबित हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में 157.26 करोड़ के आठ मामले, पश्चिम बंगाल में 293.64 करोड़ के छह मामले और राजस्थान में 12.06 करोड़ का एक मामला सहमति के अभाव में जांच के लिए लंबित है।
अल्पसंख्यकों का राजनीतिक दोहन नहीं, सिर्फ कल्याण मकसद : नकवी
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तुष्टीकरण और भेदभाव के बिना अल्पसंख्यकों के कल्याण को मोदी सरकार का मंत्र बताया है। लोकसभा में बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल के दौरान नकवी ने अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं में कमी के आरोपों पर कहा, मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं को यूपीए सरकार की तुलना में अधिक धन दिया गया है।
राजनीतिक दोहन और बखान के बिना अल्पसंख्यक योजनाएं चलाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, सरकार ने सांप्रदायिक के बजाय पीडब्ल्यूडी (गरीब, महिला, दलित) इंजीनियरिंग की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 2.31 करोड़ घरों में से 31 फीसदी 25 अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में आवंटित हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 33 फीसदी लाभार्थी अल्पसंख्यक हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नौ करोड़ लाभार्थियों में से 37 फीसदी अल्पसंख्यक हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 36 फीसदी लाभार्थी अल्पसंख्यक हैं।
नौकरशाही में बढ़े अल्पसंख्यक
नकवी ने कहा, संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफल अल्पसंख्यकों की संख्या बढ़ी है। योग्य उम्मीदवारों को सरकार कोचिंग दिला रही है। नौकरशाही में अल्पसंख्यकों की तादाद बढ़ रही है।
हज के लिए सऊदी सरकार से जवाब का इंतजार
नकवी ने बताया कि कोविड महामारी की वजह से पिछले दो वर्ष से सऊदी अरब ने हज यात्रा की इजाजत नहीं दी है। सब चाहते हैं कि हज का आयोजन किया जाए, लेकिन यह सऊदी अरब सरकार के फैसले पर निर्भर करता है कि हज का आयोजन होगा या नहीं। हालांकि, भारत सरकार ने अपनी तरफ से 21 में ये 10 जगहों से हज यात्रा की तैयारी शुरू कर दी है।
केंद्र के दस लाख पदों को भरने की मांग पर टीआरएस सांसदों ने किया हंगामा
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सांसदों ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में केंद्र के दस लाख पदों पर भर्ती की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। सभा शुरू होते ही नमा नागेस्वर राव के नेतृत्व में टीआरएस सांसद अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए। हाथों में तख्तियां ले नारेबाजी करते हुए सरकार से बेरोजगार युवकों की आत्महत्या के मामलों की जांच कर केंद्र के खाली पड़े 10 लाख पदों को भरने पर चर्चा करने की मांग करने लगे। हालांकि, अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मुद्दे पर यह कहते हुए चर्चा की इजाजत देने से इनकार कर दिया कि पहला घंटा सांसदों की तरफ से सवाल पूछे जाने को तय है।
राजद ने उठाया न्यूनतम वेतन में संशोधन का मुद्दा
राजद सांसद मनोज झा ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में न्यूनतम वेतन में संशोधन का मुद्दा उठाया। उन्होंने सभापति से इस पर शून्यकाल में चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने सत्पथी कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 375 रुपये प्रतिदिन या 9,750 रुपये हर महीने देने साथ ही घर का किराया भी देने की बात हुई थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा लगातार बढ़ रही महंगाई में गरीब आदमी के लिए व्यवस्थित तरीके से घर चलना कठिन हो रहा है।
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