शिक्षा मंत्री ने की परीक्षा की घोषणा तो इस राज्य के विद्यार्थियों ने चलाया 'परीक्षा नहीं देंगे' अभियान
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मिजोरम में विद्यार्थियों के एक समूह ने सोशल मीडिया पर 'नो एग्जाम' अभियान चलाया है। यह अभियान शिक्षा मंत्री के बारहवीं कक्षा की बची हुई परीक्षाओं के तारीख की घोषणा के बाद चलाया गया। शिक्षा मंत्री ने जहां परीक्षाओं की घोषणा की, तो वहीं विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर परीक्षाओं को स्थगित करने का अभियान चला डाला। विद्यार्थियों ने अपने इस अभियान में सूबे की सरकार को लॉकडाउन के दौरान परीक्षाएं कराने के लिए आड़े हाथ भी लिया।
क्या है पूरा मामला?
मिजोरम के शिक्षा मंत्री लालंचदामा राल्ते ने सूबे में बारहवीं कक्षा की बची हुई परीक्षाओं को 22 अप्रैल से शुरू कराने की घोषणा की। उनके इस घोषणा के बाद ही विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना शुरू कर दी। शिक्षा मंत्री के इस फैसले के खिलाफ विद्यार्थियों के एक समूह ने सोशल मीडिया पर 'नो एग्जाम' अभियान चला डाला। विद्यार्थियों ने साफ कहा कि वो लॉकडाउन के दौरान परीक्षा नहीं देंगे इसलिए सरकार अपना फैसला वापस ले।
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विद्यार्थियों ने बाकायदा इंस्टाग्राम पर हैशटैग के साथ शिक्षा मंत्री के इस फैसले का विरोध किया। इंस्टाग्राम पर इसके लिए 'नो एग्जाम' और 'नो रिस्क' हैशटैग के साथ मुहिम शुरू की गई। गौरतलब है कि इस वक्त देश में लॉकडाउन का दूसरा चरण चल रहा है जो कि तीन मई तक है। तीन मई तक पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की गई है। लॉकडाउन के मद्देनजर सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं और परीक्षाओं को स्थगित किया गया है।
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