Meghalaya: मेघालय में शिक्षा का नया मॉडल, छठी-10वीं तक कम्युनिटी स्किल लर्निंग लागू, प्राइवेट SSLC को मंजूरी
Meghalaya: मेघालय सरकार ने कक्षा 6 से 10 तक कम्युनिटी इंटीग्रेटेड स्किल लर्निंग शुरू करने को मंजूरी दी है। साथ ही एसएसएलसी परीक्षा में प्राइवेट उम्मीदवारों को बैठने की अनुमति दी गई है, जिससे ड्रॉपआउट छात्रों को दोबारा 10वीं पास करने का मौका मिलेगा।
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Meghalaya: मेघालय सरकार ने शुक्रवार को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े दो अहम फैसलों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अब कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के लिए कम्युनिटी इंटीग्रेटेड स्किल लर्निंग (CISL) शुरू की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने प्राइवेट कैंडिडेट्स को भी सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SSLC) परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है।
स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा विषय से जोड़ा जाएगा स्किल लर्निंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि CISL को एक संरचित पाठ्यक्रम (Structured Curriculum) के रूप में लागू किया जाएगा और इसे मौजूदा स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा (Health and Physical Education) विषय से जोड़ा जाएगा। फिलहाल यह विषय मुख्य रूप से किताबों तक सीमित है और पढ़ाई ज्यादा सैद्धांतिक है।
उन्होंने कहा कि अब छात्र केवल किताबों से नहीं, बल्कि अपने परिवार और समुदाय से व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) सीखेंगे और उन्हें प्रदर्शित भी करेंगे।
परिवार और समुदाय से सीखेंगे हुनर
मुख्यमंत्री के अनुसार, छात्रों को अपनी रुचि और पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार एक या एक से अधिक कौशल चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी छात्र के माता-पिता खेती से जुड़े हैं, तो वह छात्र कृषि से संबंधित कौशल सीख सकता है। इसी तरह समुदाय में मौजूद पारंपरिक पेशों और हुनरों को भी पढ़ाई का हिस्सा बनाया जाएगा। छात्र इन कौशलों को सीखेंगे, अभ्यास करेंगे और फिर उन्हें स्कूल में प्रदर्शित करेंगे।
पारंपरिक पेशों को बचाने की पहल
मुख्यमंत्री संगमा ने साफ किया कि यह योजना छात्रों पर किसी खास पेशे को अपनाने का दबाव नहीं डालेगी। इसका उद्देश्य बच्चों को स्थानीय आजीविका, पारंपरिक कार्यों और व्यावहारिक ज्ञान की अहमियत समझाना है। साथ ही इससे छात्रों में भविष्य के लिए उपयोगी कौशल विकसित होंगे और शिक्षा में परिवार की भागीदारी भी बढ़ेगी।
SSLC परीक्षा में प्राइवेट कैंडिडेट्स को मिली अनुमति
कैबिनेट ने एक और अहम फैसला लेते हुए मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के तहत SSLC परीक्षा में प्राइवेट उम्मीदवारों को बैठने की अनुमति दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे उन लोगों को फायदा मिलेगा जो किसी कारणवश पहले 10वीं की परीक्षा पास नहीं कर सके या 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। सरकार इस प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बना रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग कक्षा 10 की पढ़ाई पूरी कर सकें।
2026 के मेघालय डे अवॉर्ड्स का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में मेघालय डे अवॉर्ड 2026 के विजेताओं के नामों की भी घोषणा की।
- यू टिरोट सिंग अवॉर्ड (कला एवं साहित्य): डॉ. किनफाम सिंग नोंगकिनरिह
- पा टोगन संगमा अवॉर्ड (सामाजिक सेवा): फादर बेनॉय जोसेफ
- यू कियांग नंगबाह अवॉर्ड (खेल): रिओहलांग धर
इसके अलावा कैबिनेट ने सीमा क्षेत्र विकास सेवा नियमों में संशोधन, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की सेवावृद्धि और गणतंत्र दिवस 2026 की तैयारियों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां पूरी गति से चल रही हैं।
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