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महाराष्ट्र: स्कूल में 10वीं तक मराठी अनिवार्य, मनमानी की तो लगेगा 1 लाख का जुर्माना

Wed, 26 Feb 2020 07:21 PM IST
ललित फुलारा अमर उजाला ब्यूरो,मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो,मुंबई Published by: ललित फुलारा Updated Wed, 26 Feb 2020 07:21 PM IST
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Marathi language a compulsory subject in schools across Maharashtra
महाराष्ट्र में अब 10वीं कक्षा तक मराठी भाषा पढ़ना अनिवार्य होगा। - फोटो : thebetterindia.com

महाराष्ट्र में अब 10वीं कक्षा तक मराठी भाषा पढ़ना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार ने इसी शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 से इसे अनिवार्य करने का फैसला किया है। विशेष बात यह है कि जिस स्कूल में मराठी नहीं पढ़ाई जाएगी उस स्कूल के प्रबंधन से 1 लाख रुपये आर्थिक दंड वसूल किया जाएगा। राज्य के मराठी भाषा विभाग मंत्री सुभाष देसाई ने बुधवार को विधान परिषद में यह जानकारी दी।

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सुभाष देसाई ने कहा कि महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य करने के लिए सरकार कई सालों से प्रयत्नशील थी। बीत 23 फरवरी को राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद इसे विधान परिषद में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि सदन में विधेयक पेश किए जाने से पहले सभी स्कूल मंडलों के प्रमुखों के साथ चर्चा की गई।
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school - फोटो : अमर उजाला

सभी ने राज्य में मराठी भाषा अनिवार्य करने की सहमति दी है। राज्य के स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने संबंधी विधेयक पर चर्चा के उपरांत विधान परिषद में इसे मंजूरी मिल गई। बृहस्पतिवार को यह विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। विधानमंडल के दोनो सदनों में विधेयक पारित होने के बाद यह कानून बन जाएगा और राज्य के सभी स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य हो जाएगी।

सीबीएससी और आईएसएससी स्कूलों में सख्ती से लागू होगी मराठी
राज्य में सीबीएससी बोर्ड और आईसीएससी बोर्ड सहित अंतर्राष्ट्रीय स्कलों में भी अब मराठी पढ़ाना अनिवार्य हो जाएगा। सुभाष देसाई ने कहा कि पहली व छठी कक्षा में शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 में ही लागू किया जाएगा। इसके बाद दूसरी, तीसरी, चौथी, 5वीं, 7वीं, 8वीं और 9वीं कक्षा में चरणबद्ध तरीके से मराठी लागू की जाएगी।

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