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महाराष्ट्र: पुलिस विभाग में ट्रांसजेंडरों के प्रवेश का मामला, हाईकोर्ट में 30 नवंबर को होगी सुनवाई
Mon, 28 Nov 2022 02:25 PM IST
सौरभ पांडेय
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: सौरभ पांडेय
Updated Mon, 28 Nov 2022 02:25 PM IST
सार
Maharashtra: महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण (Maharashtra Administrative Tribunal) ने सरकार को गृह विभाग के तहत पदों के लिए आवेदन पत्र में ट्रांसजेंडरों के लिए एक प्रावधान बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को इस आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है।
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Bombay high court
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
Maharashtra: महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण (Maharashtra Administrative Tribunal) ने सरकार को गृह विभाग के तहत पदों के लिए आवेदन पत्र में ट्रांसजेंडरों के लिए एक प्रावधान बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को इस आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। याचिका के बारे में मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अभय आहूजा की खंडपीठ के सामने जानकारी दी गई। जिसमें न्यायाधिकरण के आदेश पर रोक लगाने के लिए तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। पीठ ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई 30 नवंबर को करेगी।
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यह है पूरा मामला
पुलिस कांस्टेबल की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद ट्रांसजेंडर आर्य पुजारी ने ऑनलाइन आवेदन करने की कोशिश की। हालांकि आवेदन में केवल दो लिंग पुरुष और महिला का उल्लेख किया गया था और तीसरे लिंग का उल्लेख नहीं किया गया था, जिसके कारण पुजारी ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सके। इसके बाद एमएटी ने 14 नवंबर को राज्य सरकार को गृह विभाग के तहत सभी भर्तियों के लिए आवेदन पत्र में पुरुष और महिला के दो विकल्पों के बाद ट्रांसजेंडरों के लिए तीसरा विकल्प बनाने का निर्देश दिया था। दरअसल पुलिस कांस्टेबल बनने की इच्छा रखने वाले ट्रांसजेंडर आर्य पुजारी ने महाराष्ट्र प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (एमएटी) से संपर्क किया था।
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